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जबलपुर- डीआरएम आफिस की केंटीन निजी हाथों में सौंपने की तैयारी, स्टाफ को अन्य विभागों मेें भेजने की चर्चा

जबलपुर. पमरे के जबलपुर रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय स्थित स्टाफ कैंटीन को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी रेल कर्मचारियों के बीच पिछले दो दिनों से जोरों पर है. दरअसल जब से इस सरकारी कैंटीन में तैनात स्टाफ का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है. तब से इस बात के कयासों ने जोर पकड़ लिया है।

रेलवे के जानकारों का कहना है कि यह कैंटीन अंग्रेजों के समय से रेल कर्मचारियों को नो लॉस, नो प्रॉफिट पर चाय, नाश्ता, लंच आदि कर्मचारियों को मुहैया कराया जा रहा है. यहां के खाद्य पदार्थोंे की गुणवत्ता व किफायती कीमतों के चलते कर्मचारियों के बीच तो लोकप्रिय है ही, साथ ही आसपास के आम लोग भी इस कैंटीन में पहुंचकर लजीज व्यंजन का लुत्फ उठाते रहे हैं.

निजी हाथों में गया तो रियायती दर का लाभ नहीं ले सकेंगे कर्मचारी

रेल कर्मचारियों में इस बात की चर्चा है कि ये कैंटीन यदि निजी हाथों में चली जाती है तो कर्मचारियों को चाय, नाश्ता, भोजन जो रियायती दरों पर उपलब्ध होती है, वो नहीं मिल सकेगा. साथ ही जो क्वालिटी कंट्रोल अभी तक रेल प्रशासन द्वारा किया जाता रहा है, उस पर भी नियंत्रण नहीं हो सकेगा.

कैंटीन स्टाफ का मेडिकल परीक्षण चल रहा

सूत्रों के मुताबिक सोमवार 1 दिसम्बर से डीआरएम आफिस स्थित कैंटीन में पदस्थ 16 कर्मचारियों का रेलवे अस्पताल में मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है. वहीं कर्मचारियों को इस बात का संकेत दे दिया गया है कि उन्हें कैंटीन की जगह अन्यत्र पदस्थ किया जायेगा. वहीं इस संबंध में रेल प्रशासन की ओर से जानकारी नहीं मिल सकी है, किंतु कैंटीन में पदस्थ स्टाफ के साथ-साथ डीआरएम आफिस के कर्मचारियों के बीच इस कैंटीन की पूरी व्यवस्था निजी हाथों में सौंपे जाने की चर्चा सरगर्म है.

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