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जबलपुर में SIR: कांग्रेस की पैनी नजर, दिल्ली भेजी जा रही रिपोर्ट

 

पिछले विस चुनाव के आंकड़ों का अध्ययन करने में जुटी टीमें, शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक पदाधिकारी सक्रिय

जबलपुर। केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा शुरु किए गये वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम पर जबलपुर में कांग्रेस चुप जरूर है,लेकिन उसकी नजर पूरे प्रोग्राम पर बनी हुई है,जैसे ही किसी अनियमितता के प्रमाण मिलेंगे, चुनाव आयोग पर धावा बोला जाएगा। जबलपुर की नगर इकाई और ग्रामीण इकाई, दोनों के पदाधिकारी पूरे जिले में सक्रिय हो गये हैं और जानकारियां दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इस बार कांग्रेस के केंद्रीय संगठन ने योजना तैयार की है कि एसआईआर पर सवाल तभी खड़े किए जाएंगे,जब हाथ में पुख्ता सबूत होंगे। जबलपुर में ऐसी किसी भी गड़बड़ी होने पर सारे प्रमाण कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी को भेजे जाएंगे और फिर दिल्ली से आयोग और भाजपा को घेरा जाएगा। 

-खंगाला जा रहा 2023 को डेटा

खबर है कि मप्र में साल 2023 के विधानसभा चुनावों को डेटा खंगाला जा रहा है और उसमें ऐसा कुछ खोजा जा रहा है,जिस पर आयोग को आड़े हाथों लिया जा सकें। जबलपुर जिले के आंकड़ों पर भी कांग्रेस की टीम गहन मंथन कर रही है। उल्लेखनीय है कि साल 2023 में जबलपुर विधानसभा चुनाव में आठ में से सिर्फ एक सीट ही कांग्रेस ने जीती थी, शेष 7 में भाजपा को विजय मिली थी। हालाकि, ये आंकड़े कांग्रेस के वोट चोरी वाले नारे से मैच करने वाले हो सकते हैं। मप्र की बात करें तो 2023 के चुनावों में भी कांग्रेस को करारी हार मिली थी, भाजपा ने 163 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस महज 66 पर सिमट गई थी। चुनाव के बाद कांग्रेस ने कई सीटों पर ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं पेश कर पाई। अब पार्टी ने संगठित तरीके से डेटा इकट्ठा करने का फैसला किया है,ताकि पुराने आरोपों को मजबूत आधार मिल सके।

- कनेक्ट सेंटर फिर हुआ एक्टिव

इस रिसर्च को अंजाम देने के लिए भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक विशेष कनेक्ट सेंटर बनाया गया है। यहीं से पूरे प्रदेश की चुनावी अनियमितताओं पर मॉनिटरिंग हो रही है। साथ ही,स्पेशल इन्वेस्टिगेशन के काम को भी ट्रैक किया जा रहा है। नवंबर के पहले सप्ताह में भोपाल में जबलपुर सहित पूरे प्रदेश के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गयी थी और इसमें एसआईआर को लेकर निर्देश दिए गये हैं,जिनमें कहा गया है कि जिले में पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखनी है और जैसी ही कोई अनियमितता हाथ लगे,उसके प्रमाण जुटाने हैं। 

-जनहित प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा

हमारी एसआईआर की प्रक्रिया पर पूरी नजर है। जहां भी हम देखेंगे कि इस प्रक्रिया द्वारा जनहित को प्रभावित किया जा रहा है और किसी को लाभ पहुंचाने की मंशा से कार्य किया जा रहा है तो मुखर होकर विरोध करेंगे। 

सौरव शर्मा, कांग्रेस नगराध्यक्ष




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