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पांच दिन जीवन और मौत के बीच जूझता रहा ' संदीप '


संदिग्ध परिस्थितियों में अस्पताल लाया गया था युवक, नागपुर ले जाते समय बीच रास्ते में दम तोड़ा

जबलपुर। गोसलपुर के सदमसानी गांव में रहने वाला संदीप पांच दिनों तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष करता रहा। संदीप को उसके परिजन संदिग्ध परिस्थितियों में निजी अस्पताल पहुंचे थे, जहां उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार की रात हालत में सुधार नही ंहोने की वजह से उसे इलाज के नागपुर ले जा रहे थे, जहां बीच रास्ते में संदीप की मौत हो गई थी। 

गोसलपुर पुलिस ने बताया कि अखिलेश कुमार बर्मन ने सूचना दी कि खेती-किसानी करता है। 12 अक्टूबर की रात खाना खाकर सो रहे थे। रात लगभग 10 बजे उसके भाई संदीप कुमार बर्मन की खांसने एवं उल्टी होने जोर से आवाज आने लगी। उसने भाई से पूछा तो कुछ नहीं बताया। अखिलेश ने पुलिस को बताया कि संदीप की उल्टी से बदबू आ रही थी। उसने कमरे में देखा कीटनाशक दवाई पड़ी थी। संदीप की तबियत खराब होने लगी थी, जिससे उसे इलाज के लिए स्वास्तिक अस्पताल मंे भर्ती कराया। शुक्रवार तक संदीप की हालत में सुधार नहीं होने से उसे उपचार हेतु नागपुर लेकर जा रहे थे, जहां बीच रास्ते में संदीप के शरीर में हरकत होना बंद हो गयी थी। नागपुर में शंकरा मल्टी अस्पताल में डाक्टर ने चैक कर उसे मृत घोषित कर दिया था। 

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