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अब गांव से बच रहे डॉक्टरों की शामत,रजिस्ट्रेशन भी हो सकता है रद्द


सरकारी के साथ निजी मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों में मचा हड़कंप, विभाग ने मांगी कायदे तोड़ने  वालों की जानकारी


जबलपुर। खबर है कि उन डॉक्टरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं ,जो डिग्री करने के बाद ग्रामीण इलाकों में सेवाएं देने से बचते रहे हैं। इन चिकित्सकों को अनिवार्य ग्रामीण सेवा बंधपत्र (बांड) के तहत एक तय मियाद तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवा देना अनिवार्य,लेकिन सरकारी बाध्यता के बाद भी मनमानी का दौर जारी है। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कड़े रवैये से बांड की सेवा शर्तों का उल्लंघन करने वाले चिकित्सकों की सांसें फूली हुई हैं। विभाग ने संकेत दिए हैं कि जो डॉक्टर अब भी गांव का रुख नहीं करेंगे,उनका रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
-कैसे उड़ रहीं कायदे की धज्जियां
नियमानुसार, सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस और पीजी (एमडी-एमएस)  की पढ़ाई पूरी करने के बाद  डाक्टरों  अनिवार्य ग्रामीण सेवा बंधपत्र (बांड) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के अस्पताल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल तक में एक वर्ष तक सेवाएं देनी चाहिए। सेवा नहीं देने पर पंजीयन रद्द करने की कार्रवाई का प्रावधान है, पर इसका कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है। एक साल की अवधि को  बीच में छोड़ने वालों को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
-नोटिस के बाद होगा एक्शन
चिकित्सा जगत से जुड़े सूत्रों का दावा है कि जल्दी ही विभाग की ओर से उन सभी डॉक्टरों के नाम नोटिस जारी किया जाएगा,जो बांड का पालन करने से बच रहे हैं। चिकित्सकों द्वारा इस नोटिस का जवाब देने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई का जिम्मा प्रत्येक संभागायुक्त कार्यालय को दिया जाएगा और विभाग के उच्चाधिकारी लगातार संपर्क में रहेंगे। विभाग ने फिलहाल उन चिकित्सकों की सूची तलब कर ली है,जो इस नियम को धुएं में उड़ाए हुए हैं। हालाकि, ये पहली दफा नहीं है,जब विभाग ने बेलगाम डॉक्टरों पर ऐसी सख्ती दिखाने की योजना तैयार की गयी हो। बाद में कई तरह के प्रेशर में विभाग पीछे कदम खींच चुका है। इसमें राजनीतिक दखल भी काफी अहम भूमिका निभाता है। सूत्रों के अनुसार, जिस तरह से विभाग चिकित्सकों की कमी का सामना कर रहा है,उसे देखते हुए लग रहा है कि इस पर एक्शन प्लान जमीन पर भी उतरेगा। 

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