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दीपावली पर 100 साल बाद बन रहा महालक्ष्मी राजयोग, चमकेगी किस्मत, जानिए लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

 
नई दिल्ली. कार्तिक अमावस्या के दिन मनाई जाने वाली दीपावली इस बार बेहद विशेष रहने वाली है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 20 अक्टूबर को पडऩे वाली इस दिवाली पर लगभग 100 साल बाद महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यह दुर्लभ योग धन, समृद्धि और सौभाग्य देने वाला रहेगा।

महालक्ष्मी राजयोग का दुर्लभ संयोग

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, साल 2025 कई उतार-चढ़ाव भरा रहा — युद्ध, तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच यह महालक्ष्मी योग सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली का संकेत है। इस योग से आम लोगों को आर्थिक लाभ, व्यापार में उन्नति और नए अवसरों की प्राप्ति होगी। इस दिवाली पर चंद्रमा और मंगल की युति, साथ ही बुध-शुक्र के राशि परिवर्तन से बन रहे विपरीत राजयोग का भी असर दिखाई देगा। वहीं 19 अक्टूबर को गुरु के कर्क राशि में उच्चस्थ होने से यह दीपावली और अधिक शुभ मानी जा रही है।

- मां लक्ष्मी को कौडिय़ां अर्पित करें और घर के मुख्य द्वार पर दीप प्रज्वलित करें।

- खील-बताशे और लड्डू गोपाल को नए वस्त्र अर्पित करें।

- इस दिन दक्षिणमुखी दीप जलाना भी अत्यंत शुभ माना गया है।

ज्योतिषों का मानना है कि महालक्ष्मी राजयोग से देश और आमजन दोनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे। यह काल आर्थिक सुधार, नए निवेश, और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत अनुकूल रहेगा।

पूजा के ये हैं शुभ मुहूर्त

पहला शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल)- शाम 05 बजकर 46 मिनट से रात 08 बजकर 18 मिनट तक।

दूसरा शुभ मुहूर्त (वृषभ काल)- शाम 7 बजकर 08 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 03 मिनट तक।

तीसरा शुभ मुहूर्त (सर्वोच्च मुहूर्त)- शाम 07 बजकर 08 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 18 मिनट तक। इस दौरान आपको लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए करीब 1 घंटा 11 मिनट का समय मिलेगा।

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