घटना वार्ड क्रमांक 42 की है। यहां के एक अविवाहित युवक ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया था। योजना की पात्रता के अनुसार केवल विवाहित व्यक्ति ही लाभ के पात्र होते हैंए लेकिन युवक ने अपने आवेदन में खुद को विवाहित दर्शाया। नगर निगम में पदस्थ योजना शाखा के ऑपरेटर लोकेश डोले पर आरोप है कि उसने नियमों को दरकिनार करते हुए युवक का फॉर्म ष्विवाहितष् स्थिति में स्वीकार कर लिया। इसके लिए शहर की ही एक युवती की फोटो फॉर्म में उसकी पत्नी के रूप में लगा दी गई। जब यह बात युवती और उसके परिजनों को पता चली तो वे सीधे नगर निगम कार्यालय पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते योजना शाखा में भीड़ जमा हो गई और जमकर नारेबाजी होने लगी। घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम कमिश्नर चंद्रप्रकाश राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फॉर्म में युवती की फोटो युवक ने खुद लगाई या यह काम ऑपरेटर की मिलीभगत से हुआ। पूरे मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस अब धारा 420 धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर सकती है।
योजना की पारदर्शिता पर उठे सवाल-
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पूरे प्रकरण ने प्रधानमंत्री आवास योजना की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। आरोप है कि नगर निगम में योजना से जुड़ी प्रक्रिया में निगरानी की कमी के कारण ऐसे फर्जीवाड़े आसानी से हो रहे हैं।