पिछले महीने 12 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इसे टॉप ऑफ द बोर्ड में लिस्टेड किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 23 सितंबर से इस केस की रोजाना सुनवाई करने की बात कही थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट आज इस मामले पर सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट में दो नंबर कोर्ट में डबल बेंच इन मामलों की सुनवाई करेगी। आज सुप्रीम कोर्ट में मप्र लोकसेवा आयोग की परीक्षा में शामिल हुए ओबीसी वर्ग के केंडिडेट्स की ओर से लगाई गई याचिका पर सुनवाई होगी। ओबीसी के 13 प्रतिशत पद होल्ड करने के मामले में कोर्ट में आज की सुनवाई अहम होगी। क्योंकिए मुख्यमंत्री डा मोहन यादव लगातार ये कह रहे हैं कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सॉलिसिटर जनरल के साथ मप्र सरकार ने वकीलों को लिस्टेड किया-
सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण को लेकर होने वाली सुनवाई के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ मप्र सरकार ने तमिलनाडु के सीनियर एडवोकेट व राज्य सभा सांसद पीण् बिल्सन और एडवोकेट शशांक रतनू को ओबीसी आरक्षण के प्रकरणों में ओबीसी का पक्ष रखने अधिकृत किया है।
PCC चीफ बोले, जब तक सुनवाई चलेगी, मैं खुद दिल्ली में रहूंगा-
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि ओबीसी का आरक्षण यदि 6 साल से लागू नहीं हो रहा है तो उसके दोषी शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव हैं। दूसरी बात ओबीसी का आरक्षण तो इनको देना पड़ेगा। मैं खुद ओबीसी आरक्षण की जो सुनवाई होगी उसमें कांग्रेस के वकील भी खड़े रहेंगे। मैं खुद भी उनके साथ सुप्रीम कोर्ट में खड़ा रहूंगा।
CM दो दिनों से लगातार दिल्ली में वकीलों से मिल रहे-
सीएम डॉ मोहन यादव बीते दो दिनों से लगातार दिल्ली जाकर ओबीसी आरक्षण के मामले पर वकीलों से मुलाकात कर चर्चा कर रहे हैं। सीएम डॉ मोहन यादव ने दिल्ली के एमपी भवन में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से चर्चा की थी। सीएम दूसरे दिन मंगलवार को भी दिल्ली पहुंचे और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर वकीलों से चर्चा की।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, MP सरकार सो रही है क्या-
बीते 12 अगस्त को मध्यप्रदेश में सरकारी भर्तियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 13 प्रतिशत पद होल्ड होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एमपी सरकार को फटकार लगाई थी। ओबीसी महासभा के वकील वरुण ठाकुर ने बताया. कोर्ट ने कहा है कि एमपी सरकार सो रही है क्या, ओबीसी के 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर 6 साल में क्या किया।