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पति-पत्नी ने दो बेटों के साथ खाया जहर, पिता-बेटे की मौत, ट्रैक्टर की नहीं भरी थी किस्त, कंपनी के कर्मचारियों ने कहा उठाकर ले जाएगें

छतरपुर। ओरछा रोड थानाक्षेत्र में एक ही परिवार के 4 लोगों ने जहर खा लिया। इसमें किसान प्रकाश अहिरवार उम्र 35 वर्ष व उनके दो वर्षीय बेटे निहाल की मौत हो गई। जिला अस्पताल में भरती पत्नी नंदिनी 29 वर्ष व बड़े बेटे तनिष्क की हालत नाजुक बनी हुई है।                                                                                                                     
                                      पुलिस अधिकारियों के अनुसार ओरछा रोड थानाक्षेत्र में रहने वाले प्रकाश अहिरवार ने खेती के लिए ट्रैक्टर कर्ज पर लिया था। लगातार फसल खराब होने के कारण वे किस्त नहीं चुका पाए। दो दिन पहले ट्रैक्टर कंपनी के कर्मचारी घर पहुंचे और 30-.40 हजार रुपए की किश्त जमा करने का दबाव बनाया। किस्त नहीं चुकाने पर ट्रैक्टर ले जाने की धमकी भी दी गई थी।  धमकी से प्रकाश परेशान हो गया, वह रात को घर का टीवी सुधरवा कर लाया और परिवार के साथ खाना खाया। इसके बाद प्रकाश की तबियत बिगड़ गई, पहले तो समझा कि साधारण दर्द है, सुबह अस्पताल लेकर जाएगे, इसके बाद पत्नी व दोनों बच्चों की भी तबियत बिगड़ गई। चारों की हालत को देखते हुए परिवार के अन्य सदस्य घबरा गए। देर रात ही सभी को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर प्रकाश व निहाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। पत्नी नंदिनी व तनिष्क की हालत को देखते हुए डाक्टरों की टीम इलाज में जुट गई। मौके पर पहुंची पुलिस को पूछताछ में परिवार के अन्य सदस्यों ने बताया कि ट्रैक्टर की किस्त जमा नहीं की तो कंपनी वाले धमकाकर गए थे कि ट्रैक्टर को उठा ले जाएंगे। डाक्टरों ने कहना है कि खाने में ही जहरीला पदार्थ मिलाकर चारों ने खाया है। खाना खाने के बाद प्रकाश की तबियत बिगड़ी है, इसके बाद पत्नी व दोनों बेटों को उल्टियां शुरु हो गई थी। 

कंपनी वालों ने जबरन लगवाया अंगूठा-

परिजनों के मुताबिक ट्रैक्टर कंपनी वालों ने एक आवेदन लिखा। इस पर पति और पत्नी से जबरन अंगूठा और साइन करवा लिए। आवेदन में लिखा कि विनम्र निवेदन है कि मैंने टीवी 9 कांट्रैक्ट से तीन किस्तों में चार लाख की राशि ली थी। लेकिन मेरा सेठ मुझसे पहले मर चुका है और उस पर हुआ ऋ ण 2 महीने नहीं दे पाया हूं। इस समय 25 सितम्बर को 12 बजे तक हुआ राशि मैं चुका दूंगा। यदि नहीं चुकाया तो मेरे पास कोई भी समाधान का माध्यम नहीं है। 25 सितम्बर तक का समय साहब से चाहता हूं, अगर न दिया तो आप पहले ही मेरे ट्रैक्टर, मकान, खेत, जमीन रोक लें। 


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