जबलपुर। रेरा के मामले में एक अवमानना याचिका पर मंगलवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। आदेश का परिपालन करते हुए भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह मंगलवार को हाईकोर्ट में उपस्थित हुए। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष उन्होंने माफी मांगते हुए हलफनामा पेश किया। कलेक्टर ने कोर्ट को बताया कि कि फास्टट्रे्क रियल इस्टेट डेव्हलपर्स, भोपाल की संपत्ति का पता लगा लिया गया है। एक माह के अंदर संपत्ति को नीलाम कर याचिकाकर्ता को राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
भोपाल निवासी अभिषेक तेकाम की ओर से अवमानना याचिका दयार की गई थी। याचिका में कहा गया था कि उन्होंने बिल्डर से ड्यूपलेक्स बुक किया था। लेकिन बिल्डर द्वारा समय पर घर का निर्माण नहीं करने पर उनके द्वारा रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में प्रकरण दर्ज कराया गया। मामले की सुनवाई करते हुए रेरा ने 2022 में 50 लाख रुपए की आरआरसी जारी की, जिसका निष्पादन कलेक्टर को करना होता है, रेरा के आदेश के बावजूद पैसे नहीं मिलने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
हाईकोर्ट में रेरा मामले को लेकर दायर याचिका की सुनवाई हुई. इसपर हाईकोर्ट ने 18 सितंबर 2024 को कलेक्टर को 90 दिन के अंदर आरआरसी का निष्पादन कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन इस निर्देश का पालन नहीं होने पर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई। मंगलवार को भोपाल कलेक्टर के हलफनामा को रिकॉर्ड में लेते हुए याचिका का निराकरण कर दिया।
