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बारिश थमते ही सक्रिय हो गए चोर, 5 घरों के ताले टूटे


माढ़ोताल, रांझी, लार्डगंज और भेड़ाघाट में वारदात, जेवर चोरी

जबलपुर। बारिश थमने का दौर चल रहा है, इसका फायदा उठाकर चोर गिरोह सक्रिय होकर सूने घरों पर नजर बिठाए हुए हैं। चोरों ने शुक्रवार रात माढ़ोताल, रांझी, लार्डगंज और भेड़ाघाट क्षे़त्र के 5 घरों में वारदात को अंजाम दिया। इन वारदातों में चोरों का निशाना जेवरातों पर रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

पहली वारदात- माढ़ोताल

विद्यासागर विहार कॉलोनी में रहने वाले फुल्लूलाल राय ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह सेवानिवृत्त है। 14 सितंबर को रात में घर में ताला लगाकर लगभग उज्जैन महाकाल दर्शन करने अपनी पत्नी के साथ गया था। पड़ौसी गुप्ता जी ने फोन से बताया कि उसके घर के गेट का ताला कटा था। अंदर के दरवाजे का ताला टूटा है। इंदौर से वापस आकर देखा अंदर रखी आलमारी का ताला भी टूटा था। आलमारी में रखी सोने-चांदी के जेवरात और नगदी 5 हजार रूपये गायब थे।

दूसरी वारदात- रांझी

बापूनगर निवासी अक्षय सोनकर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि मेमोरी तिराहा रांझी मे सोनकर जी टी स्टाल के नाम से टपरा है, जिसमें चाय एवं सिगरेट पान मसाला एवं कोल्ड ड्रिंक्स बेचता है। टपरे का ताला तोड़कर अज्ञात चोर अंदर का सामान और गल्ले में रखे 5 हजार रूपए चोरी करके भाग गए। 

तीसरी वारदात- लार्डगंज

शताब्दीपुरम में रहने वाले राकेश अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह ड्रायवरी करता है। वह घर के अंदर सो रहा था। देर रात निस्तार के लिए उठा था, उसने देखा कि दूसरे कमरे का ताला टूटा हुआ है। उसने धक्का दिया तो वह खुल गया। पत्नी के साथ अंदर जाकर देखा आलमारी खुली थी। आलमारी में रखे जेवरात और उसका ड्र्ाइविंग लायसेंस गायब था। 

चौथी वारदात- लार्डगंज

हर्षित नगर निवासी प्रदीप कुमार शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह केन्द्रीय विद्यालय से रिटायर्ड शिक्षक है। 12 सितंबर को अपनी पत्नी के साथ बेटी केा हायर एजुकेशन के लिये हैदराबाद गया था। लौटकर देखा तो बाउण्ड्रीवाल के गेट में ताला लगा हुआ था। ताला खोलकर देखा मेनगेट का इंटर लॉक टूटा था। घर के अंदर जाकर देखा कमरोे का सामान बिखरा पड़ा था। आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात गायब थे। 

पांचवी वारदात- भेड़ाघाट

जमुनिया निवासी कोमल प्रसाद पटैल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पत्नी का निधन लगभग 6 माह पहले हो गया है। पत्नी के सोने-चांदी के जेवर उसके कमरे में पेटी में तथा नगदी 12 हजार रूपये रखे थे। 16 सितंबर को रात लगभग 9 बजे कमरे के दरवाजे की कुंडी लगाकर सो गया था। सुबह उसने अपने कुर्ते को देखा, जिसमें रखे 4 हजार रूपये जेब में नहीं थे। उसने सोचा परिवार वालों ने निकाल लिये होगें। शाम लगभग 3-30 बजे गांव के बाहर उसकी पेटी पड़ी मिली, जिसके कुंदे टूटे हुये थे। पेटी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और 16 हजार रूपए नहीं थे। 

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