नई दिल्ली. शेयर बाजार गुरुवार को लगातार पांचवें दिन गिरावट के साथ बंद हुए। विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और अमेरिकी एच-1बी वीजा पर शुल्क लगने की चिंता के बीच सेंसेक्स गुरुवार को 555.95 अंक टूट गया। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 555.95 अंक या 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,159.68 पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान यह 622.74 अंक या 0.76 प्रतिशत गिरकर 81,092.89 अंक पर आ गया। दूसरी ओर, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 166.05 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,890.85 पर आ गया। विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक प्रतिस्पर्धियों में कमजोर रुख से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर से संभलकर डॉलर के मुकाबले 88.68 (अनंतिम) पर बंद हुआ। यह पिछले बंद भाव से 7 पैसे अधिक है।
सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट, पावर ग्रिड, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, अडानी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस पिछड़ गए। वहीं भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एक्सिस बैंक और भारती एयरटेल प्रमुख लाभ में रहे।
निवेशकों का भरोसा डगमगाया
लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद के ने बताया कि निफ्टी आज मनोवैज्ञानिक स्तर 25,000 अंक से नीचे फिसल गया। इससे मंदी का दौर और गहरा गया। वैश्विक और घरेलू स्तर पर कई चुनौतियों के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगाया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी, रुपये में रिकॉर्ड गिरावट और अमेरिकी एच-1बी वीजा शुल्क वृद्धि को लेकर नई चिंताएं, जिसे भारतीय आईटी आय पर नकारात्मक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। इन सबने मिलकर बाजार की धारणा को खराब किया है।
