पुलिस ने काफी देर तक दी समझाइश-
करीब आधा घंटे की समझाइश के बाद भी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट का घेराव करने पर अड़े रहे तो पुलिस ने गिरफ्तारी शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने लाठी भी चलाई। आशुतोष चौकसे का कहना है कि भाजपा सरकार छात्र संघ चुनाव नहीं होने देना चाहती है। जबकि प्रदेश के सभी महाविद्यालय और कॉलेज छात्रों से चुनाव का शुल्क वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों का संवैधानिक अधिकार है। इसे दबाना लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार करने जैसा है।
8 साल से नहीं हुए छात्र संघ चुनाव-
मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बीते 8 साल से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए। चुनाव को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था। कोर्ट ने पूछा था कि छात्र संघ चुनाव कराने में आखिर समस्या क्या है। याचिका में हाईकोर्ट को यह भी बताया है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन छात्रसंघ चुनाव के लिए प्रत्येक छात्र से 250 रुपए शुल्क लेता है। फिर भी चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया 2017 से ही बंद है।