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हौसले को मिली उड़ान, जबलपुर के हिमांशु ने MPPSC में 13वीं रैंक हासिल की, डिप्टी कलेक्टर बने

 

जबलपुर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) के नतीजों ने पूरे प्रदेश को प्रेरणा दी है। इसी प्रेरणा जबलपुर के हिमांशु सोनी के हौसले को उड़ान मिली है। हिमांशु सोनी। 78 प्रतिशत अस्थि बाधित और 20प्रतिशत दृष्टिबाधित होने के बावजूद हिमांशु ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर एमपीपीएससी में 13वीं रैंक हासिल की। अब वे डिप्टी कलेक्टर बन गए हैं। उन्होंने दिव्यांग कोटे में पहला स्थान प्राप्त कर किया है। 
                          अधारताल के रहने वाले हिमांशु के लिए यह सफर आसान नहीं था। उनके पिता महेश कुमार सोनी एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि हिमांशु के जन्म के समय से ही चुनौतियां शुरू हो गई थीं। उनका शरीर पूरी तरह से गोल था और हाथ-पैर भी दिखाई नहीं देते थे। पिता ने हार नहीं मानी और दिन.रात मालिश करके उनके शरीर को सही आकार दिया।

चुनौतियों भरा सफर, फिर भी नहीं मानी हार

हिमांशु की शिक्षा भी सामान्य छात्रों से अलग रही। उनकी शारीरिक स्थिति के कारण स्कूल में उनके लिए विशेष फर्नीचर बनवाया गया थाए ताकि वह आराम से पढ़ाई कर सकें। उनके पिता ने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि हिमांशु को अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों की मदद की जरूरत होती थी। स्कूल में यूरिन से बचने के लिए उन्होंने अपने खान-पान को इस तरह से नियंत्रित किया कि उन्हें कक्षा के दौरान इस समस्या का सामना न करना पड़े। जहां अन्य बच्चे पढ़ाई के बाद खेलते-कूदते थेए वहीं हिमांशु के लिए पढऩे के अलावा कोई दूसरा काम नहीं था। वह हर समय किताबों में ही डूबे रहते थे। यही वजह है कि उनकी 10वींए 12वीं और ग्रेजुएशन में अच्छे नंबर आए। 10वीं में 86.75 प्रतिशत, 12वीं में 87.5 प्रतिशत व ग्रेजुएशन में 78 प्रतिशत अंक हासिल करना उनकी लगन का ही परिणाम है।


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