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RSS के 100 साल पर 3 दिवसीय कार्यक्रम, नागपुर में रामनाथ कोविंद होंगे मुख्य अतिथि

नई दिल्ली. संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. इस साल संघ के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं. ऐसे में देश भर में आरएसएस तमाम कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है. दिल्ली में तीन दिन के व्याख्यान से संघ प्रमुख मोहन भागवत शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की शुरुआत कर रहे हैं. दिल्ली में 26 अगस्त से 28 अगस्त तक विज्ञान भवन में तीन दिनों के व्याख्यान का आयोजन किया गया है.

दरअसल, विजयादशी को संघ के 100 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं. इसको देखते हुए देशभर में कई कार्यक्रमों का आयोजन संघ की ओर से किया जा रहा है. दिल्ली में भी 26 से 28 अगस्त तक गोष्ठी होगी. ये दिल्ली के साथ देश के प्रमुख चार शहरों में आयोजित होगी. नवंबर में बेंगलुरु के बाद कोलकाता और फरवरी में मुंबई में आयोजन होगा.

विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

संघ के 100 साल पूरे होने पर विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए समाज के सभी लोगों तक पहुंचने की कोशिश आरएसएस द्वारा की जा रही है. इन कार्यक्रमों के दौरान संघ को लेकर विस्तृत जानकारी समाज के सामने रखना मुख्य उद्देश्य है. इन कार्यक्रमों के दौरान संघ के स्वयंसेवक कैसे खुद को देखते हैं उसको लेकर सरसंघचालक अपनी बात रखेंगे. दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम के दौरान अब तक की संघ की यात्रा के अलावा समाज में संघ के खिलाफ फैलाई गई भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा. इसके अलावा जो वर्ग के लोग अभी तक संघ से दूरी बनाए हुए हैं उन्हें भी साथ लाने का प्रयास करने की कोशिश होगी. 

कई देशों के राजनयिकों को भी बुलाया जाएगा

जानकारी के मुताबिक, कई देशों के राजनयिकों को भी गोष्ठी में बुलाया जाएगा. अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों से चर्चा होगी. विचारों का आदान प्रदान होगा. लगभग 17 मुख्य कैटेगरी के तकरीबन 1500 व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है. इनमें 138 सब कैटेगरी बनाई गई हैं. क्रीड़ा, कला, मीडिया, स्टार्ट अप्स, ज्यूडिशियरी, ब्यूरोक्रेट्स समेत कई क्षेत्रों के लोगों को बुलाया जा रहा है. पहले दिन 100 वर्ष की संघ यात्रा पर चर्चा होगी.

पूर्व राष्ट्रपति कोविंद होंगे मुख्य अतिथि

दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम के दूसरे दिन भविष्य की दृष्टि से संघ के विचार और तीसरे दिन प्रश्नोत्तर का कार्यक्रम रहेगा. इन कार्यक्रमों के लिए दूतावासों से भी संपर्क किया जा रहा है. उनको भी इनवाइट किया जाएगा. संघ की ओर से कुछ मुस्लिम बुद्धिजीवियों को भी निमंत्रण भेजा गया है, जिससे संघ और मुसलमानों को लेकर जो भ्रांतियां बनी हैं उनको दूर किया जा सके. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कुछ दिन पूर्व मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाकात भी की थी.

बता दें कि विजयादशमी पर संघ के इस साल 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं. विजयादशमी पर नागपुर में होने वाले कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि होंगे. वहीं बीते दिनों 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संघ के 100 वर्षों की यात्रा का जिक्र लाल किले की प्राचीर से किया था.


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