
गुना. मध्य प्रदेश के गुना रेलवे स्टेशन पर सुबह करीब 7 और 8 साल के दो नाबालिग लड़के लावारिस हालत में मिले। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तुरंत जानकारी विशेष किशोर पुलिस इकाई (स्छ्वक्क) को दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों बच्चों को संरक्षण में लिया और जिला अस्पताल परिसर स्थित मां स्वरूपा आश्रम में सुरक्षित आश्रय दिलाया।
स्छ्वक्क के अनिल सिंह तोमर ने बच्चों की काउंसलिंग की, जिसमें पता चला कि दोनों जबलपुर के चार खंभा क्षेत्र के रहने वाले हैं। वे मस्ती-मस्ती में ट्रेन में बैठ गए और गुना पहुंचने पर उतर गए। इसके बाद तुरंत उनके परिजनों से संपर्क कर सूचना दी गई।
परिजनों को सौंपे गए बच्चे
मंगलवार शाम बच्चों के परिजन गुना पहुंचे। बाल कल्याण समिति (सीडबलूसी) की प्रक्रिया पूरी कर दोनों बच्चों को उनके माता-पिता को सौंपा गया। एसपी अंकित सोनी ने बच्चों से बातचीत की और परिजनों को समझाइश दी कि आगे से बच्चों पर विशेष ध्यान दें ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
टीम की सतर्कता से दो मासूम सुरक्षित लौटे घर
इस कार्रवाई में एसजेपीयू के अनिल सिंह तोमर, आरपीएफ गुना के एएसआई विनोद सिंह, मां स्वरूपा आश्रम के प्रबंधक नरेंद्र धाकड़, सीडबलूसी अध्यक्ष नीरू शर्मा और अन्य सदस्य शामिल रहे। एसपी अंकित सोनी ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण के साथ ऐसे मामलों में भी पुलिस पूरी सजगता से काम कर रही है।