दमोह। एमपी के दमोह में हो रही लगातार बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यहां पर ब्यामरा नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते अंतरा, कनिया घाट, पटी जैसे गांवों के घरों में पानी घुस गया है। स्थानीय लोगों का सामान बर्बाद हो चुका है। यहां तक कि कई परिवारों को रातों-रात घर खाली करना पड़ा।

इसी तरह हटा के कुंवरपुर, हरदुआ व सेमरी जैसे गांवों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। इन क्षेत्रों में ब्यारमा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण खेतों में पानी भर गया है और मुख्य मार्ग पूरी तरह से बंद हो चुका है। रनेह थाना क्षेत्र का इमलिया गांव व पटेरा ब्लॉक का बिला खुर्द भी बाढ़ से प्रभावित हैं। दमोह में बीते 24 घंटे में 0.7 इंच बारिश हुई है। इस साल 1 जून से लेकर 30 जुलाई तक 29 इंच बारिश हो चुकी है। बीते साल अभी तक यानी 30 जुलाई तक कुल 17.8 इंच बारिश दर्ज की गई थी। जो पिछले साल की तुलना में 11 इंच ज्यादा है। अभी भी रिमझिम बारिश जारी है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर ने पूरे जिले के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से ब्यारमा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों से अपील की है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें।
जबलपुर-सागर रोड झापन गांव का पुल टूॅटा-
जबलपुर-सागर नेशनल हाईवे पर तेंदूखेड़ा के झापन गांव के पास पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। तेज बहाव के कारण पुल का एक हिस्सा बह गया। जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।