जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फीचर फिल्म तन्वी द ग्रेट को कर मुक्त करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में राज्य शासन ने फिल्म को मध्यप्रदेश में कर मुक्त करने के आदेश जारी किए है। फीचर फिल्म के मध्यप्रदेश में प्रदर्शन की अवधि 25 जुलाई से 23 अगस्त, 2025 तक के लिए मध्यप्रदेश मॉल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 के अधीन स्टेट जीएसटी की संपूर्ण राशि की प्रतिपूर्ति करते हुए दर्शकों को छूट मिलेगी। फिल्म का निर्देशन फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने किया है। संबंधित सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स द्वारा स्टेट जीएसटी की राशि को घटाकर दर्शकों को इस फिल्म के टिकट का विक्रय किया जाएगा। इस सेवा प्रदाय पर देय एवं भुगतान किये गये राज्य जीएसटी के अंश के बराबर की राशि की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा सेवा प्रदाता को की जायेगी। फिल्म के प्रदर्शन के लिए संबंधित सिनेमाघरों मल्टीप्लेक्स के तन्वी द ग्रेट फिल्म रिव्यू प्रचलित सामान्य प्रवेश शुल्क में वृद्धि नहीं की जाएगी। उल्लेखनीय है कि तन्वी द ग्रेट 21 वर्षीय तन्वी रैना की कहानी है, जो ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जूझते हुए अपने शहीद पिता के सपने को पूरा करने के लिए भारतीय सेना में शामिल होने का प्रयास करती है। इसकी संवेदनशील कहानी और सामाजिक संदेश को दर्शकों और समीक्षकों से व्यापक सराहना मिली है।
जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फीचर फिल्म तन्वी द ग्रेट को कर मुक्त करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में राज्य शासन ने फिल्म को मध्यप्रदेश में कर मुक्त करने के आदेश जारी किए है। फीचर फिल्म के मध्यप्रदेश में प्रदर्शन की अवधि 25 जुलाई से 23 अगस्त, 2025 तक के लिए मध्यप्रदेश मॉल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 के अधीन स्टेट जीएसटी की संपूर्ण राशि की प्रतिपूर्ति करते हुए दर्शकों को छूट मिलेगी। फिल्म का निर्देशन फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने किया है। संबंधित सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स द्वारा स्टेट जीएसटी की राशि को घटाकर दर्शकों को इस फिल्म के टिकट का विक्रय किया जाएगा। इस सेवा प्रदाय पर देय एवं भुगतान किये गये राज्य जीएसटी के अंश के बराबर की राशि की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा सेवा प्रदाता को की जायेगी। फिल्म के प्रदर्शन के लिए संबंधित सिनेमाघरों मल्टीप्लेक्स के तन्वी द ग्रेट फिल्म रिव्यू प्रचलित सामान्य प्रवेश शुल्क में वृद्धि नहीं की जाएगी। उल्लेखनीय है कि तन्वी द ग्रेट 21 वर्षीय तन्वी रैना की कहानी है, जो ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जूझते हुए अपने शहीद पिता के सपने को पूरा करने के लिए भारतीय सेना में शामिल होने का प्रयास करती है। इसकी संवेदनशील कहानी और सामाजिक संदेश को दर्शकों और समीक्षकों से व्यापक सराहना मिली है।
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