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HO कोटा में फर्जीवाड़े- रेल राज्यमंत्री के पीए के पास किसके लेटर हेड पर आई थी सिफारिश, शुरू हुई जांच


 गोरखपुर। रेलवे के हेड ऑफिस (एचओ) कोटे में रेल मंत्रालय से एक ही पीएनआर पर बने पांच टिकट कन्फर्म कराने की जांच रेलवे बोर्ड की विजिलेंस टीम ने भी शुरू कर दी है। टीम अब यह खंगाल रही है कि रेल राज्यमंत्री के पीए-2 ने किसके लेटर हेड पर आए आवेदन को फैक्स के जरिए गोरखपुर हेड ऑफिस भेजा था। एनईआर मुख्यालय की विजिलेंस और आरपीएफ इंटेलिजेंस की जांच में पता चला है कि मऊ स्टेशन से कॉमर्शियल के एक कर्मचारी ने छह जून को ही यात्रियों से पूछताछ की थी। जांच टीम ने रेलकर्मी का बयान दर्ज कर लिया है और सफर करने वाले यात्रियों का बयान लेने के लिए संपर्क साध रही है।

एचओ कोटा के तहत गलत तरीके से टिकट कन्फर्म करवाने के लगातार मामले पकड़े जाने के बाद रेल प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। रेलवे की खुफिया जांच में कुछ अहम जानकारी हाथ लगी है जिसके आधार पर जल्द ही मऊ और वाराणसी मंडल में रेलकर्मियों से पूछताछ हो सकती है। वहीं, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) ने टिकट बनाने वाले एजेंट की आईडी को ब्लॉक कर दिया है। बताया जा रहा है कि एजेंट पर लगे आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा एजेंट की आईडी से बनाए गए टिकटों का रिकॉर्ड निकाला जा रहा है ताकि पता चल सके कि इसके पहले भी कहीं एचओ कोटा से टिकट कन्फर्म तो नहीं करवाया है।
एक ही परिवार के पांचों यात्री
गोरखपुर। रेलवे की खुफिया जांच में पता चला है कि पीएनआर नंबर 2436358280 पर जिन पांचों यात्रियों का टिकट कन्फर्म हुआ है वे एक ही परिवार के हैं। छठे यात्री ने अपना टिकट कैंसिल करा लिया। उन्होंने सीधे एजेंट से ही टिकट बुक कराया था और उसी एजेंट के जरिए कन्फर्म भी करवा लिया।
यह है मामला

6 जून 2025 को काशी एक्सप्रेस (15018) में एसी थ्री कोच में एचओ कोटा के तहत एक टिकट कन्फर्म कराने के लिए फैक्स से भेजा गया। जिसका पीएनआर संख्या 2436358280 था और इस पर छह यात्रियों का टिकट बुक था लेकिन एक यात्री की बुकिंग रद्द करा दी गई। यह फैक्स रेल राज्य मंत्री के पीए द्वितीय की तरफ से भेजा गया। रेलवे बोर्ड से आए पत्र के कारण कोटा आवंटित कर दिया गया और बी-1 कोच में 25, 26, 27, 28 और 29 नंबर की सीट दी गई। टीटीई ने संबंधित पीएनआर के यात्री से फॉर्म भरवाया तो यात्री ने लिखा कि उसने टिकट एजेंट के जरिये कराया था और एजेंट को प्रत्येक टिकट के लिए 5500 रुपये यानी कुल 27500 रुपये दिए थे।

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