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ट्रेन में क्रिकेटर की मौत, 3 घंटे तक तड़पे, फिर तोड़ा दम, नहीं मिला इलाज, रेलवे ने दिये जांच के आदेश

नई दिल्ली. दिल्ली से ग्वालियर जा रहे एक दिव्यांग खिलाड़ी की ट्रेन में ही मौत हो गई. वह ग्वालियर में व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए आ रहे थे. बताया जाता है कि वह पंजाब के रहने वाले हैं. निजामुद्दीन स्टेशन से ग्वालियर आने के लिए टीम के साथ छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सवार हुए थे. ट्रेन चलन के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगडऩे लगी. उनको तेज दर्द शुरू हो गया. मथुरा स्टेशन आने ही वाला था कि उनकी जान चली गई.

ट्रेन में दिव्यांग क्रिकेटर विक्रम सिंह (38) अपनी टीम के साथ ग्वालियर जा रहे थे. टीम के एक साथी खिलाड़ी के अनुसार, सुबह 4:58 बजे रेलवे हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मेडिकल सहायता मांगी गई थी. लेकिन, समय पर मदद नहीं मिलने के कारण करीब सुबह 8:10 बजे विक्रम सिंह ने दम तोड़ दिया. साथी खिलाड़ी का आरोप है कि बार-बार कॉल करने के बावजूद कोई मेडिकल टीम नहीं पहुंची. ऊपर से मथुरा के पहले ट्रेन डेढ़ घंटे तक खड़ी हो गई.

मथुरा के पहले ही मौत

साथी खिलाड़ी के अनुसार, हम लोग विक्रम सिंह के साथ ग्वालियर दिव्यांग क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने जा रहे थे. तभी रास्ते में अचानक विक्रम सिंह की तबीयत बिगड़ गई. साथियों ने इसकी सूचना ट्रेन स्टाफ को दी. उन्होंने मथुरा जंक्शन पहुंचने तक इंतजार किया, लेकिन ट्रेन रास्ते में करीब डेढ़ घंटे तक रुकी रही. जब तक ट्रेन मथुरा स्टेशन पर पहुंची, तब तक विक्रम की मौत हो चुकी थी. वह हमारी आंखों के सामने ही तपड़ते रहे और फिर दम तोड़ दिया. हम कुछ नहीं कर सके. इसके बाद जीआरपी ने शव को मथुरा जंक्शन पर उतरवाया. पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मृतक के साथ मौजूद खिलाड़ी ने बताया कि विक्रम की तबीयत बिगडऩे की सूचना समय पर दी गई थी, लेकिन अगर ट्रेन मथुरा समय से पहुंचती तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी.

रेलवे ने दिये जांच के आदेश

उधर, रेलवे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं. यह घटना रेलवे की मेडिकल सहायता प्रणाली पर कई सवाल खड़े करती है, खासकर दिव्यांग और विशेष जरूरतों वाले यात्रियों के लिए तत्काल सुविधा की उपलब्धता को लेकर.

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