जबलपुर। सीहोर जिले के इछावर स्थित 132 केवी सबस्टेशन में 51 वर्षों तक निर्बाध सेवा देने वाले 20 एमवीए क्षमता के पुराने पावर ट्रांसफार्मर को मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्मिकों ने भावुक विदाई दी। वर्ष 1975 में भारत बिजली लिमिटेड द्वारा निर्मित यह उपकरण अपनी 25 वर्ष की तय कार्यशील उम्र पार कर दोगुने समय तक कार्य करता रहा। इस ऐतिहासिक साथी की जगह अब 50 एमवीए का नया आधुनिक ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अभियंताओं की तकनीकी दक्षता और निरंतर मेंटेनेंस की सराहना करते हुए सभी कार्मिकों को बधाई दी। अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री राजेश शांडिल्य ने बताया कि कई उपकेंद्रों से गुजरकर 2016 में इछावर पहुंचे इस उपकरण ने आधी सदी के बदलाव देखे हैं।
कर्मचारियों के निरंतर समर्पण से मिली लंबी उम्र
ऊर्जा क्षेत्र में सामान्यतः किसी भी बड़े पावर ट्रांसफार्मर का जीवनकाल ढाई दशक यानी 25 वर्ष तय माना जाता है। इसके विपरीत मध्यप्रदेश विद्युत मंडल, राज्य विद्युत मंडल तथा वर्तमान पारेषण कंपनी के कर्मचारियों ने नियमित जांच और सटीक तकनीकी रख-रखाव के बल पर इसे 51 वर्षों तक सक्रिय रखा। तकनीकी टीम ने समय पर प्रिवेंटिव मेंटेनेंस करके खराबी आने से पहले ही सुधार कार्य किए। यही कारण रहा कि विभिन्न मौसमों और बढ़ते लोड के बावजूद यह मशीन बिना रुके काम करती रही। अभियंताओं के लिए यह विदाई सिर्फ मशीन बदलने की प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि पीढ़ियों से साथ निभाने वाले एक निष्ठावान साथी को दी गई भावभीनी विदाई साबित हुई।
प्रदेश की ट्रांसफार्मेशन क्षमता में इजाफा
इछावर में 50 एमवीए क्षमता का नया उपकरण चालू होने के साथ ही प्रदेश की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता 85,708 एमवीए के स्तर पर पहुंच गई है। पारेषण कंपनी वर्तमान में समूचे प्रदेश के भीतर 418 अति उच्च दाब सबस्टेशनों का सफल संचालन कर रही है। इनमें 400 केवी श्रेणी के 14, 220 केवी के 88 तथा 132 केवी नेटवर्क के 316 सबस्टेशन शामिल हैं। इन सभी केंद्रों में स्थापित 1,060 पावर ट्रांसफार्मरों के जरिए दूरदराज के क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाई जा रही है। क्षमता विस्तार से स्थानीय कृषि, उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं को कम वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी और पारेषण प्रणाली पहले से अधिक मजबूत होगी।
