टिकट बुकिंग के लिए ₹15 करोड़ से अधिक का कैशलेस भुगतान
जबलपुर। भारतीय रेल द्वारा यात्रियों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से सुविधाजनक, सुरक्षित एवं पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कैशलेस भुगतान को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी दिशा में पश्चिम मध्य रेल के तीनों मंडलों जबलपुर, भोपाल एवं कोटा में यात्रियों को डिजिटल माध्यमों से टिकट बुकिंग एवं भुगतान के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
पश्चिम मध्य रेल के आरक्षण (पीआरएस) एवं अनारक्षित टिकट (यूटीएस) काउंटरों पर यूपीआई/भीम और पीओएस मशीनों के साथ-साथ मोबाइल टिकटिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। रेलवन ऐप के माध्यम से मोबाइल पर ही टिकट बुक करने और डिजिटल भुगतान करने के लिए यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि टिकट प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो और काउंटरों पर लगने वाली कतारों से राहत मिल सके।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के सितंबर माह में पश्चिम मध्य रेल में पीआरएस एवं यूटीएस के माध्यम से कुल 18,24,014 यात्रियों की टिकट बुकिंग के लिए ₹15,06,92,395 (15 करोड़ रुपये से अधिक) का कैशलेस ट्रांजेक्शन दर्ज किया गया। इसमें पीआरएस के अंतर्गत पीओएस मशीनों से ₹9,75,330 तथा यूपीआई/भीम ऐप से ₹6,13,38,705 का भुगतान किया गया। वहीं, यूटीएस प्रणाली में रेलवन ऐप के माध्यम से मोबाइल टिकटिंग से ₹1,88,10,370 तथा यूपीआई/भीम ऐप से ₹6,95,67,990 का डिजिटल भुगतान प्राप्त हुआ।
डिजिटल भुगतान से यात्रियों को नकदी साथ रखने की आवश्यकता कम होती है तथा टिकट खरीदने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनती है। रेलवन ऐप के माध्यम से मोबाइल पर टिकट बुक करने से यात्रियों को टिकट के लिए काउंटर पर जाने की आवश्यकता भी नहीं रहती। पश्चिम मध्य रेल द्वारा डिजिटल भुगतान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और रेलवन ऐप के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक यात्री डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकें।
