जबलपुर। एमपी के बागेश्वरधाम में नाबालिगा से रेप के मामले में फिर नया मोड़ आ गया। आरोपी राजू जाटव का DNA भू्रूण से मैच न होने और कोर्ट में नाबालिग के अपने बयान से मुकरने के बावजूद हाईकोर्ट ने उसकी दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बने और वह गर्भवती हुई थी। अब हाईकोर्ट ने छतरपुर एसपी को SIT गठित कर यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि नाबालिग का यौन उत्पीडऩ किसने किया और भ्रूण का जैविक पिता कौन है।परिवार वालों से नाराज होकर 16 साल की नाबालिग 16 मार्च को बागेश्वर धाम पहुंची थी। अगले दिन 17 मार्च को उसकी मुलाकात राजगढ़ निवासी राजू जाटव से हुई। आरोप है कि राजू ने उसे घर छोडऩे का कहकर पास के खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह किशोरी को करीब 15 दिन तक अपने साथ रखकर पचोर स्थित घर ले आया। मामले की जानकारी राजू की पत्नी को हुई तो वह नाबालिग को लेकर पुलिस के पास पहुंची। किशोरी ने पुलिस और बाल कल्याण समिति के सामने घटना की जानकारी दी। इस दौरान पता चला कि वह गर्भवती है। राजगढ़ पुलिस ने जीरो पर मामला दर्ज कर केस डायरी छतरपुर पुलिस को भेज दी। छतरपुर पुलिस ने राजू जाटव को गिरफ्तार किया। नाबालिग की चिकित्सकीय जांच में उसके करीब दो महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। बाद में गर्भपात कराया गया और भ्रूण को सुरक्षित रखा गया। आरोपी का ब्लड सैंपल भी लिया गया, ताकि डीएनए जांच के जरिए भ्रूण के जैविक पिता की पहचान की जा सके। सागर स्थित राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने प्लेसेंटा ऊतक, भ्रूण और नाबालिग के रक्त के नमूनों की जांच के बाद 29 अगस्त 2026 को रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में सामने आया कि राजू जाटव भ्रूण का जैविक पिता नहीं है। हाईकोर्ट ने छतरपुर एसपी कोSIT गठित कर यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि नाबालिग का यौन उत्पीडऩ किसने किया और भ्रूण का जैविक पिता कौन है।