नई दिल्ली. केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी के बाद इसके 63% होने की चर्चा के साथ ही 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी उत्सुकता बढ़ गई है। कर्मचारियों की दिलचस्पी इस बात में है कि नई वेतन संरचना लागू होने पर उनकी बेसिक सैलरी कितनी बढ़ सकती है और मौजूदा DA का नई सैलरी पर क्या असर पड़ेगा।
मौजूदा DA में बढ़ोतरी से कर्मचारियों की मासिक आय में इजाफा होगा। वहीं, जुलाई से अक्टूबर 2026 तक के एरियर की गणना भी संबंधित नियमों के अनुसार की जाएगी। हालांकि, DA बढ़कर 63% होने का मतलब यह नहीं है कि 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर भी उसी अनुपात में तय होगा। नई वेतन संरचना और फिटमेंट फैक्टर को लेकर अंतिम तस्वीर आयोग की सिफारिशों और सरकार के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।
DA 63% होने पर कितनी बढ़ेगी सैलरी?
महंगाई भत्ता कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में दिया जाता है। यदि DA 60% से बढ़कर 63% होता है, तो कर्मचारियों को बेसिक सैलरी के मुकाबले 3 प्रतिशत अंक अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिलेगा। इससे हर महीने मिलने वाली कुल रकम बढ़ जाएगी।
इसे 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी के उदाहरण से समझ सकते हैं।
₹18,000 बेसिक सैलरी पर DA का पूरा गणित
पुराना DA (60%): 10,800 रुपये
नया DA (63%): 11,340 रुपये
हर महीने अतिरिक्त रकम: 540 रुपये
चार महीने का अनुमानित एरियर: 2,160 रुपये
यह गणना पूरे चार महीनों के दौरान बेसिक सैलरी 18,000 रुपये रहने के आधार पर की गई है। वास्तविक एरियर भुगतान की अवधि, वेतन में बदलाव और लागू सरकारी नियमों के अनुसार अलग हो सकता है।
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर का क्या होगा?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसके आधार पर मौजूदा बेसिक सैलरी को नए वेतन आयोग की बेसिक सैलरी में बदला जाता है। लेकिन फिटमेंट फैक्टर जितना होता है, वास्तविक वेतन वृद्धि उतनी ही हो, यह जरूरी नहीं है।
नया वेतन आयोग लागू होने पर मौजूदा वेतन और महंगाई भत्ते को ध्यान में रखते हुए नई वेतन संरचना तय की जाती है। ऐसे में फिटमेंट फैक्टर का एक हिस्सा पहले से मिल रहे महंगाई भत्ते के समायोजन से जुड़ा होता है। वास्तविक वेतन वृद्धि का आकलन करने के लिए केवल फिटमेंट फैक्टर देखना पर्याप्त नहीं है।
DA 63% होने पर बेसिक सैलरी और DA को मिलाकर रकम बेसिक सैलरी की 1.63 गुना हो जाती है। हालांकि, यह मौजूदा वेतन का गणित है। इससे 8वें वेतन आयोग के अंतिम फिटमेंट फैक्टर का अनुमान निश्चित रूप से नहीं लगाया जा सकता।
7वें वेतन आयोग में कितना था फिटमेंट फैक्टर?
7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था। उस समय नई वेतन संरचना निर्धारित करने के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर अपनाया गया था। इसमें उस समय लागू महंगाई भत्ते का समायोजन भी शामिल था।
इसलिए 2.57 के फिटमेंट फैक्टर को सीधे 157% की वास्तविक वेतन वृद्धि मानना सही नहीं होगा। नई बेसिक सैलरी में पुराने वेतन और महंगाई भत्ते के समायोजन का भी हिस्सा था। वास्तविक बढ़ोतरी का आकलन करने के लिए पुराने वेतन और नई वेतन संरचना के बीच अंतर देखना जरूरी है।
क्या 8वें वेतन आयोग में 14% से ज्यादा बढ़ेगी सैलरी?
केंद्रीय कर्मचारियों के बीच यह सवाल लगातार चर्चा में है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना हो सकता है और नई बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी मिलेगी। फिलहाल इन सवालों का निश्चित जवाब देना संभव नहीं है, क्योंकि अंतिम फिटमेंट फैक्टर और वेतन वृद्धि की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।
DA में बढ़ोतरी से मौजूदा वेतन में तत्काल राहत मिलती है, लेकिन इसे 8वें वेतन आयोग में होने वाली वृद्धि का संकेत नहीं माना जा सकता। नई सैलरी का निर्धारण आयोग की सिफारिशों, वेतन संरचना और सरकार के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।
