जबलपुर। देश की राजधानी के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली वोट बचाओ-देश बचाओ महारैली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के उद्देश्य से जबलपुर से कांग्रेसियों का जत्था शुक्रवार को रवाना हुआ। इस आयोजन को लेकर नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्थानीय रेलवे स्टेशन पर राहुल गांधी के समर्थन में जोरदार नारे लगाए और आम जनता से संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण हेतु आगे आने का आह्वान किया। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार इस राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन में नगर व देहात क्षेत्र से कुल मिलाकर 1000 कार्यकर्ता शिरकत कर रहे हैं, जो पिछले 3 दिनों से लगातार अलग-अलग रेलगाड़ियों से कूच कर रहे हैं। इस जनसभा में कांग्रेस के अलावा INDIA गठबंधन से जुड़े विभिन्न दलों के लोग भी एकत्र हो रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर अड़े प्रदर्शनकारी
महारैली में शामिल होने जा रहे नेताओं ने निर्वाचन व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता को लेकर विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। दल का कहना है कि मताधिकार की शुचिता बनाए रखने के लिए शीर्ष पद पर बैठे अधिकारी का पद छोड़ना जरूरी हो गया है। निष्पक्ष चुनाव प्रणाली के अभाव में लोकतांत्रिक ढांचे की बुनियाद कमजोर पड़ती जा रही है। मतों में हेराफेरी के प्रयासों से जनता का विश्वास प्रशासनिक व्यवस्था से उठने लगा है, जिसके चलते विरोध की यह रणनीति तैयार की गई है।
संवैधानिक संस्थाओं की सुरक्षा हेतु सड़कों पर उतरे नागरिक
रेल परिसर से प्रस्थान करते समय कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष सिर्फ एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि संपूर्ण नागरिक समाज के अधिकारों की रक्षा का है। पूरे देश में चुनावी शुचिता एवं पारदर्शी व्यवस्था कायम करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। मत चोरी की बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेकर सभी वर्गों को एक मंच पर लाने की मुहिम शुरू की गई है। राजधानी का यह विशाल जमावड़ा शासन तंत्र को नागरिकों की वास्तविक चिंताओं से अवगत कराने और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की पुनर्स्थापना के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
