आधुनिक तकनीक से अब आसान होगी उच्च शिक्षा
जबलपुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल कॉलेज में हेल्प द ब्लाइंड फाउंडेशन ट्रस्ट, चेन्नई के सहयोग से 25 दिव्यांग विद्यार्थियों को लैपटॉप बांटे गए। कॉलेज परिसर में संचालित स्किल डेवलपमेंट रिसोर्स सेंटर द्वारा आयोजित 6 माह के ईएमईटी प्रशिक्षण के तहत यह वितरण हुआ। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी, प्रो. अरुण शुक्ल, ट्रस्टी श्री राधाकृष्णन, प्रोग्राम हेड सुश्री पूजा, टीम लीडर श्रीमती सुहास होल्कर, दिव्यांग प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. राजीव मिश्रा, प्रशिक्षक राजीव गिरि, राजेश रंजीत, डॉ. महेन्द्र कुशवाहा, सुखदेव चैरसिया और डॉ. तरुणेन्द्र साकेत के साथ 30 दिव्यांग छात्र मौजूद रहे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले छात्र-छात्राओं को डिजिटल माध्यम से जोड़कर पढ़ाई में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है।
डिजिटल कौशल सीखकर खुद तैयार करेंगे सभी असाइनमेंट
प्राचार्य के अनुसार अब छात्र अपनी सतत व्यापक मूल्यांकन परीक्षा और विभिन्न प्रोजेक्ट बिना किसी बाहरी मदद के पूरे कर सकेंगे। इससे उनकी रोजमर्रा की पढ़ाई आसान बनेगी और उनमें स्वयं काम करने का हौसला विकसित होगा। प्रो. शुक्ल ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश के भीतर शासकीय महाकोशल कॉलेज ऐसा पहला उच्च शिक्षा केंद्र बन गया है जिसने अपने विशेष छात्रों को लैपटॉप से आंतरिक मूल्यांकन पूरा करने की आधुनिक सुविधा दी है। संस्था के ट्रस्टी ने बताया कि इस केंद्र की स्थापना का लक्ष्य मुख्य रूप से दृष्टिबाधित युवाओं को रोजगार से जुड़े तकनीकी हुनर सिखाना है। नियमित प्रशिक्षण मिलने से ये छात्र सामान्य कार्यप्रणाली में दक्ष होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे और भविष्य में अपने लिए आजीविका के बेहतर अवसर तलाश सकेंगे।
