जबलपुर। ग्रामीण अंतर्गत पाटन संभाग की बेलखेड़ा डीसी में 11 केवी लाइन पर फाल्ट दुरुस्त करने चढ़े आउटसोर्स कर्मी बिहारी लाल बर्मन की चालू बिजली के झटके से 16 फीट ऊपर से गिरकर मृत्यु हो गई, जिसे लेकर तकनीकी कर्मचारी संघ प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, लखन सिंह राजपूत, विनोद दास, किशोर, शशि उपाध्याय, दशरथ शर्मा, संदीप दीपांकर, जगदीश मेहरा और आजाद सकवार ने मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी प्रबंधन से पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता तथा जूनियर इंजीनियर की भूमिका समेत पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पर कार्रवाई की संयुक्त मांग उठाई है।
अचानक चालू हुई बिजली ने छीनी जिंदगी
लाइन मरम्मत के दौरान नियमों की अनदेखी सीधे तौर पर सामने आई है। क्षेत्रीय बिजली महकमे के मैदानी दफ्तर में तैनात यह कर्मचारी कनिष्ठ अभियंता के सीधे निर्देश पर फाल्ट ढूंढने और तकनीकी खराबी को दूर करने हेतु खंभे पर चढ़ा था। मैदानी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था का आलम यह रहा कि जिस फीडर की बिजली बंद मानकर कर्मी को खतरे में डाला गया, उसी तार में अचानक करंट दौड़ गया। तेज झटके के साथ कर्मी सीधे जमीन पर आ गिरा और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
लापरवाही की निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग
इस हादसे के बाद विभागीय स्तर पर जांच बैठा दी गई है ताकि यह साफ हो सके कि शटडाउन के बावजूद लाइन में करंट कैसे प्रवाहित हुआ। तकनीकी कर्मचारी संघ का साफ कहना है कि किसी भी आउटसोर्स कर्मी से जान जोखिम में डालकर काम कराना और बुनियादी सुरक्षा प्रोटोकॉल न अपनाना गंभीर अपराध है। मृतक के आश्रितों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिसे देखते हुए कंपनी तत्काल प्रभाव से 20 लाख रुपए का मुआवजा जारी करे तथा जवाबदेह लोगों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसे।
