khabar abhi tak

एनजीटी ने स्टोन क्रशर पर कसी नकेल, बिजली मीटर से खुलेगा उत्पादन का सच



जबलपुर। मध्य प्रदेश में स्टोन क्रशर इकाइयों की मनमानी रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सेंट्रल जोन बेंच ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने यह व्यवस्था पूरे राज्य में लागू करने का आदेश दिया है। नए प्रावधानों के तहत आबादी क्षेत्र, स्कूल और मंदिर से 500 मीटर की परिधि में क्रशर चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और इस दायरे में आने वाले संयंत्र तुरंत बंद होंगे। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण और वास्तविक उत्पादन की सटीक जांच के लिए बिजली खपत के डिजिटल रिकॉर्ड, खनिज पोर्टल के डेटा तथा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण की अनापत्ति को आधार बनाया जाएगा।

​बिजली खपत से पकड़ाएगा क्रशर का वास्तविक उत्पादन

​अवैध खनन और अनियंत्रित उत्पादन को पकड़ने के लिए मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिजली वितरण कंपनियों से प्रत्येक क्रशर यूनिट की मासिक बिजली खपत का आंकड़ा जुटाएगा। संयंत्र में स्थापित मशीनरी की क्षमता और खर्च हुई ऊर्जा के आधार पर यह तय होगा कि वास्तव में कितने पत्थर का प्रसंस्करण किया गया। संचालकों के लिए ऊर्जा का अनिवार्य ऑडिट कराना तय किया गया है। बिजली खपत के इन सभी आंकड़ों को खनिज विभाग के पोर्टल और ई-ट्रांजिट पास प्रणाली से जोड़ा जाएगा। खनिज विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि खनन एवं भंडारण की अनुमति केवल तभी दी जाए जब इकाई के पास कन्सेंट टू एस्टेब्लिश और कन्सेंट टू ऑपरेट की वैध स्वीकृति मौजूद हो। बिना अनुमति संचालित इकाइयों को तुरंत सील किया जाएगा तथा भूमिगत जल का दोहन करने वाली इकाइयों के लिए सेंट्रल ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी से एनओसी लेना अनिवार्य रहेगा।

हवा की गुणवत्ता पर डिजिटल सेंसर रखेंगे नजर

​क्रशर संयंत्रों के आसपास वायु प्रदूषण की डिजिटल निगरानी की जाएगी, जिसमें पीएम-10 और पीएम-2.5 के वास्तविक समय के स्तर की ऑनलाइन ट्रैकिंग शामिल है। उड़ती धूल को रोकने के लिए परिसर की परिधि में 5 मीटर चौड़ी हरित पट्टी तैयार करनी होगी, जिसके अंतर्गत नीम, इमली, देशी आम, बरगद और पीपल जैसे घने छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे। क्रशिंग क्षेत्र में जमा होने वाली बारीक धूल की रोजाना सफाई करनी होगी और खुले में रखे सामग्री के ढेरों को तिरपाल से पूरी तरह ढकना अनिवार्य होगा। आंतरिक मार्गों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करना होगा। वाहनों में सामग्री की लोडिंग और अनलोडिंग वाले स्थानों पर वॉटर स्प्रिंकलर तथा कन्वेयर बेल्ट प्रणाली पर मिस्ट स्प्रे व कन्वेयर शूट स्थापित करना आवश्यक कर दिया गया है ताकि हवा में उड़ने वाले धूल कणों को प्रभावी ढंग से दबाया जा सके।


Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak