जबलपुर। नानाजी देशमुख वेटरनरी यूनिवर्सिटी जबलपुर के निर्माण प्रभाग में जारी ठेका प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां काम करने वाले लगभग 6 निविदाकारों ने ठेके के नियमों तथा पात्रता शर्तों पर गंभीर एतराज जताते हुए सीधे कुलगुरु को लिखित शिकायत भेजी है। ठेकेदारों का साफ आरोप है कि यह पूरी रूपरेखा केवल एक चहेती एजेंसी को अनुचित लाभ दिलाने के मकसद से रची गई है। उन्होंने समस्त प्रकरण की निष्पक्ष पड़ताल कराने की पुरजोर मांग उठाई है। इस विवाद के बीच अब असंतुष्ट पक्ष पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष औपचारिक ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहा है। वहीं संस्थान की रजिस्ट्रार डॉ. राखी वैश्य ने सभी व्यवस्थाओं को नियमानुकूल करार दिया है।
ठेकेदारों ने उठाई पारदर्शी व्यवस्था की पुरजोर मांग
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शैक्षणिक संस्थान परिसर में होने वाले विकास कार्यों के लिए खुली और स्वस्थ होड़ का माहौल होना आवश्यक है। यदि पात्रता के नियम किसी एक पक्ष के अनुकूल गढ़े जाएंगे तो योग्य फर्मों के समान अवसर छिन जाते हैं। कार्यप्रणाली में समरूपता के अभाव से कार्य की अंतिम गुणवत्ता प्रभावित होने का जोखिम रहता है। इस आधार पर उन्होंने जारी सभी पुराने दिशा-निर्देशों की तकनीकी समीक्षा करने और खामी मिलने पर नियमानुसार विधिक कदम उठाने की बात रखी है।
प्रशासन ने कहा,नियमों का पूर्णतः पालन हुआ
संस्थान प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि तकनीकी कार्यों के संचालन में निर्धारित मापदंडों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार कार्यों की मजबूती और तय समयसीमा को ध्यान में रखकर ही तय सरकारी मानकों के मुताबिक आवश्यक प्रावधान जोड़े गए हैं। किसी भी एजेंसी को विशेष प्राथमिकता देने की बात को बेबुनियाद बताते हुए प्रबंधन ने कहा कि समूची प्रणाली तय नियमों के दायरे में संचालित हो रही है।
