जबलपुर। विक्टोरिया गांधी टाउन मैदान में संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आज 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर अध्यापकों ने उपवास रखा। यह सामूहिक उपवास 28 सितंबर से जारी प्रदेशव्यापी आंदोलन का अहम चरण रहा। इसमें शामिल अजय सिंह, नितिन अग्रवाल, दीपक पटेल, रतनेश मिश्रा, संध्या अवस्थी, प्रभात जाट, प्रदीप पटेल, माधव पांडे, संतोष तिवारी और आनंद अधिकारी ने चार प्रमुख मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इनमें टीईटी परीक्षा का खुला विरोध, ई अटेंडेंस की अनिवार्य व्यवस्था बंद करना, पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करना तथा प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता की पात्रता शामिल रही। मैदान में जुटी भारी भीड़ ने साझा संकल्प दोहराते हुए अपनी एकता का परिचय दिया।
अध्यापकों ने मैदान में दिखाई एकजुटता की ताकत
धरने पर बैठे शिक्षक प्रतिनिधियों ने विभागीय नीतियों के खिलाफ अपनी बात रखी। वक्ताओं का कहना था कि वर्षों की निष्ठावान सेवा के बाद भी शिक्षकों को उनके वाजिब हक से दूर रखा जा रहा है। शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के नाम पर थोपे जा रहे जटिल तकनीकी नियम और परीक्षाएं केवल मानसिक तनाव बढ़ा रही हैं। अपनी सेवा सुरक्षा और सम्मान पाने के लिए सड़क पर उतरना अब मजबूरी बन चुका है।
राजधानी कूच के लिए व्यापक स्तर पर रणनीति
धरना स्थल से सभी शिक्षक साथियों से 4 अक्टूबर को राजधानी पहुंचने का आह्वान किया गया। उपस्थित पदाधिकारियों ने जिले भर के शिक्षकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए इस आंदोलन को अंतिम परिणाम तक पहुंचाएं। बड़ी तादाद में भोपाल पहुंचकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए सामूहिक संपर्क अभियान चलाने की घोषणा की गई, जिसके बाद शांतिपूर्ण उपवास संपन्न हुआ।
