जबलपुर। पितृपक्ष के 15 दिनों के समापन पर पितृमोक्ष अमावस्या के अवसर पर आज नर्मदा तटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अंतिम दिवस पर ग्वारीघाट और तिलवारा घाट सहित प्रमुख तटों पर पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भावुक माहौल में अपने पूर्वजों को विदाई दी। कोरोना महामारी की प्रशासनिक गाइडलाइन के दौर में अंतिम संस्कार से वंचित रहे परिजनों के निमित्त इस बार श्मशान पिंड, एकादशी पिंड और दशगात्र पिंड के विशेष अनुष्ठान किए गए। पंडितों ने यजमानों से बेसन के पुतले का प्रतीक स्वरूप हवन यज्ञ में स्वाहा कराया। काशी, प्रयाग, पुष्कर, हरिद्वार और गयाजी न जा पाने वाले लोगों ने नर्मदा तट पर ही तर्पण पूरा किया, वहीं सुबह 9 बजे के बाद ग्वारीघाट मार्ग पर चार पहिया वाहनों के कारण लंबा जाम लगा रहा।
घाटों पर मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए विशेष अनुष्ठान
धार्मिक मान्यता के अनुसार दिवंगत आत्मा के अंतिम संस्कार के 3 साल बाद पितरमिलौनी पूजा से पूर्वजों में मिलन मानकर जल अर्पण शुरू किया जाता है। कई परिवारों ने पितरों के 13 दिन की सूतक शुद्धि मानते हुए पारंपरिक नियमों के अनुसार पिंडदान का कार्य पूर्ण कराया। जिन परिवारों ने अनंत चतुर्दशी या पूर्णिमा पर पितरों का घर में आह्वान किया था, उन्होंने अमावस्या के दिन अगरासन की रस्म पूरी की। इसके पश्चात विधिवत ब्राह्मण भोज कराया गया और नर्मदा जल में अंजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक पितरों का विसर्जन किया गया। घाटों पर सुबह से ही पुरोहितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ तर्पण कराने का सिलसिला लगातार चलता रहा। हर श्रद्धालु अपने ज्ञात और अज्ञात पूर्वजों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन कर रहा था।
चार पहिया वाहनों की आवाजाही से लगा भारी जाम
तटों पर तर्पण और स्नान के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे थे। जो लोग सुबह जल्दी पहुंच गए, वे समय पर दर्शन और पूजन कर सकुशल वापस लौट आए। हालांकि सुबह 9 बजे के बाद ग्वारीघाट और तिलवारा मुख्य मार्गों पर वाहनों का भारी दबाव बढ़ गया। गयाजी से लौटकर सीधे ग्वारीघाट पहुंचे बड़े चार पहिया वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई। संकरे रास्तों और अनियंत्रित वाहनों की कतारों से कई स्थानों पर जाम के हालात बने रहे, जिसे संभालने में यातायात पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। श्रद्धालुओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद पूजन और पितरों के आह्वान का क्रम देर शाम तक जारी रहा।

