जबलपुर। मध्यप्रदेश शासन के उपक्रम मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने अशोकनगर स्थित 220 केवी सबस्टेशन में 50 एमवीए का नया अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर लगाकर उसे सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया है। इस नए संयंत्र के जुड़ते ही सबस्टेशन की कुल क्षमता 513 एमवीए तक पहुंच गई, जिससे क्षेत्र की पारेषण प्रणाली काफी मजबूत होगी। इस बदलाव से पूरे मध्यप्रदेश में कंपनी की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता अब 85,588 एमवीए दर्ज की गई है। स्थानीय स्तर पर 132/33 केवी के 3 पुराने संयंत्र पहले से काम कर रहे थे। अब 4 ट्रांसफार्मर होने से बढ़ते बिजली उपयोग का बेहतर प्रबंधन होगा और तकनीकी रुकावटें दूर होंगी।
चार संयंत्रों से बिजली वितरण व्यवस्था सुधरेगी पूरी
अशोकनगर क्षेत्र में घरेलू और व्यावसायिक बिजली की मांग लगातार बढ़ रही थी। पुराने 3 संयंत्रों पर अत्यधिक दबाव रहने के कारण लोड संतुलन बनाना कठिन हो रहा था। चौथे पावर ट्रांसफार्मर के सक्रिय होने से यह समस्या हल हो गई है। अब ग्रिड पर अचानक लोड बढ़ने पर भी बिजली आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। उपकरणों पर अतिरिक्त खिंचाव नहीं पड़ेगा, जिससे खराबी का जोखिम कम होगा और आसपास के गांवों तथा शहरों को निर्बाध आपूर्ति मिलेगी।
प्रदेशभर के सबस्टेशनों का विस्तृत नेटवर्क फैला हुआ
मध्यप्रदेश में कंपनी कुल 418 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सबस्टेशनों का विशाल नेटवर्क संचालित कर रही है। इनमें 400 केवी श्रेणी के 14 केंद्र, 220 केवी के 88 केंद्र और 132 केवी के 316 सबस्टेशन शामिल हैं। पूरे राज्य में कुल 1,058 पावर ट्रांसफार्मर क्रियाशील हैं, जिनमें 400 केवी के 41, 220 केवी के 220 तथा 132 केवी के 797 ट्रांसफार्मर सेवाएं दे रहे हैं।
