बताया गया है कि बीती देर रात करीब डेढ़ बजे वास्कोडिगामा एक्सप्रेस ट्रेन से उतरे कुछ यात्रियों ने प्लेटफॅार्म क्रमांक दो पर स्थित दुकान से चाय ली। इस दौरान रुपयों को लेकर चाय वाले वेंडर से विवाद हो गया। विवाद बढ़ते ही अन्य वेंडर आ गए, इसके बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट शुरु कर दी। दोनों ओर से एक दूसरे पर लात घूंसे चलाए जाने लगे। प्लेटफॉर्म पर झगड़ा होते देख अन्य यात्रियों में चीख पुकार व अफरा-तफरी मच गई। हैरानी की बात यह रही कि घटना के समय प्लेटफॉर्म पर रेल पुलिस के तीन जवान भी मौजूद थे। इसके बावजूद हुड़दंग मचा रहे युवकों पर पुलिस का कोई खौफ नहीं दिखा और वे बेखौफ एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाते रहे। पुलिस कर्मियों ने जब स्थिति को संभालते हुए बीच-बचाव किया और एक युवक को हिरासत में लेकर आगे बढ़े, तो पुलिस के वहां से हटते ही बाकी बचे युवकों के बीच दोबारा मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस कर्मी भी तमाशबीन बनकर खड़े हो गए।