जबलपुर। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा प्रस्तावित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा को लेकर मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जीवनभर सनातन से जुड़े विषयों पर विरोध की सियासत करने के बाद अब अचानक दिग्विजय सिंह को इसकी याद आने लगी है। केवल सड़क पर कोई यात्रा निकाल लेने भर से व्यक्ति की विचारधारा में परिवर्तन सिद्ध नहीं होता, बल्कि इसके लिए आचरण और व्यवहार में भी वास्तविक बदलाव दिखना जरूरी है। सनातन संस्कृति भारत की गौरवशाली परंपरा और गहरी जन-आस्था का अहम हिस्सा है, जिस पर सभी सियासी दलों का रुख बिल्कुल साफ होना चाहिए।
तुष्टिकरण की राजनीति छोड़कर अब नया प्रयास
लोक निर्माण मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा समाज को बांटने और तुष्टिकरण की नीति पर चलती रही है। वर्तमान दौर में सनातनी समाज के भीतर सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूकता और एकजुटता लगातार बढ़ रही है। इसी बदलते सामाजिक माहौल को भांपकर कांग्रेस अब इस बड़े वर्ग तक अपनी पैठ बनाने के नए तरीके तलाश रही है।
पुरानी कार्यशैली और बयानों से तय होगी छवि
सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं की विश्वसनीयता सिर्फ तात्कालिक भाषणों से नहीं, बल्कि उनके पुराने राजनीतिक कदमों और फैसलों से आंकी जाती है। कांग्रेस यदि वास्तव में सनातन परंपरा का आदर करती है, तो यह बात केवल चुनावी रणनीतियों तक सीमित रहने के बजाय उसकी नीतियों में भी निरंतर दिखाई देनी चाहिए। इस तीखी टिप्पणी के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।
