जबलपुर। शहर में आगामी नवरात्रि एवं दशहरा पर्व पर विद्युत हादसों की रोकथाम के लिए सोमवार शाम जेयू पावर हाउस में अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा के नेतृत्व में विशाल कार्यशाला संपन्न हुई। इस 4 घंटे चले प्रशिक्षण सत्र में सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, जूनियर इंजीनियर, टेस्टिंग असिस्टेंट, लाइनमैन, सहायक लाइनमैन तथा आउटसोर्स संवर्ग के करीब 500 कार्मिक सम्मिलित हुए। बैठक में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन से संभावित खतरों और बचाव के उपायों की तकनीकी जानकारी दी गई। आयोजन का मुख्य मकसद सार्वजनिक पंडालों में दर्शनार्थियों को करंट के खतरे से बचाना और निर्बाध बिजली देना रहा। उत्सव के दौरान अनहोनी रोकने के लिए तकनीकी टीम को फील्ड में पूरी सजगता बरतने के कड़े निर्देश दिए गए।
हर पंडाल पर तैनात रहेगा एक लाइन कर्मचारी
शहर के प्रत्येक पूजा स्थल पर एक तकनीकी कर्मी की सीधी तैनाती तय की गई है। यह कर्मी आयोजन समिति के सदस्यों, लाइट डेकोरेटर तथा पुलिस प्रशासन के नोडल स्टाफ से निरंतर तालमेल रखेगा। यह पूरी व्यवस्था संबंधित कनिष्ठ एवं सहायक यंत्री की सीधी निगरानी में काम करेगी। पंडालों में अस्थाई बिजली कनेक्शन यानी टीसी वैध रूप से लेना अनिवार्य होगा। विद्युत अधोसंरचना जैसे खंभे, ट्रांसफार्मर, केबल और मुख्य तारों से पंडाल की सुरक्षित दूरी बनाए रखना तकनीकी दृष्टि से जरूरी किया गया है। टेंट संचालकों और विद्युत सज्जाकारों को भी तारों की उचित इंसुलेशन और लोड संतुलन का ध्यान रखने के लिए पाबंद किया गया है।
नियम तोड़े तो दर्ज होगी सीधी पुलिस प्राथमिकी
सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाए जाने पर विभाग ने एफआईआर दर्ज कराने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। थाना स्तर पर होने वाली शांति समिति की बैठकों में विद्युत अफसरों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है, जहां आयोजकों को 3 पेज का सुरक्षा परिपत्र सौंपा जाएगा। विद्युत निरीक्षक और विद्युत सुरक्षा विभाग से भी अपेक्षा की गई है कि वे अपने स्तर पर पंडालों की सघन जांच पड़ताल समय पर पूरी करें। कंपनी प्रशासन पुलिस और स्थानीय निकाय के साथ साझा रणनीति बनाकर फील्ड में उतरेगा, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। तकनीकी अमले को आपातकालीन स्थिति में तुरंत बिजली काटने और बैकअप बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।


