जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा जारी एक नए निर्देश ने जबलपुर सहित पूरे प्रदेश के विभिन्न सरकारी दफ्तरों में तैनात ठेका एवं आउटसोर्स कर्मियों के चेहरे पर दीवाली पर्व से पहले एक नई चमक ला दी है। नगर निगम समेत अनेक शासकीय महकमों में वर्षों से पसीना बहा रहे इन हजारों कर्मचारियों को अब तक कभी भी त्योहारी बोनस का लाभ नहीं मिल सका है। विभाग के इस आदेश के बाद अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि कौन सा प्रशासनिक अमला इस दिशा-निर्देश को जमीनी स्तर पर कितना लागू कर पाएगा। इधर नगर निगम के कर्मियों का कहना है कि उन्हें अमूमन समय पर मानदेय नहीं मिलता और 2 से 3 माह तक की देरी झेलनी पड़ती है।
नियमों के तहत बाकी सुविधाएं भी मिलेंगी
श्रम विभाग के पत्र में स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया गया है कि शासकीय तंत्र के सभी उपक्रमों में काम कर रहे आउटसोर्स और संविदा श्रमिकों को विभिन्न श्रम कानूनों के अंतर्गत तय अन्य सभी कानूनी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएं। इन प्रावधानों के अमल में आने से कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा और सेवा से जुड़े अधिकार मिल सकेंगे।
वेतन विसंगति पर कर्मियों ने छेड़ा आंदोलन
जबलपुर व आसपास के अन्य जनपदों में महीनों से काम कर रहे श्रमिक समय पर भुगतान न होने के कारण गहरे असंतोष में हैं। हक की आवाज बुलंद करने के लिए कर्मचारी संगठन लगातार पत्राचार करने के साथ अन्य लोकतांत्रिक रास्तों से अपना कड़ा प्रतिरोध दर्ज करा रहे हैं।
