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| मृतिका का जीवित अवस्था का चित्र |
जबलपुर। तिलवारा थाना क्षेत्र में स्थित ग्राम शिवनी निवासी 45 वर्षीय लक्ष्मी उर्फ गुड्डन यादव 17 अक्टूबर की सुबह 11 बजे हमेशा की भांति गांव के नर्मदा तट पर स्नान और पूजा-अर्चना के लिए घर से निकली थीं। दोपहर 1 बजे तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने घाट पर पड़ताल की, तो वहां उनके वस्त्र रखे मिले। आसपास खोजबीन में कोई सुराग न मिलने पर परिजनों ने तिलवारा थाने पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई। गुमशुदगी के 40 घंटे बाद आज दोपहर 12 बजे लम्हेटा के सिद्ध घाट पर उनका शव पानी में उतराता दिखा। एसडीआरएफ, पुलिस दल तथा स्थानीय गोताखोरों ने शव को नदी से बाहर निकाला।
तट पर मिले कपड़ों ने बढ़ाया था अनहोनी का गहरा अंदेशा
नर्मदा नदी के तटवर्ती गांव में रहने वाली यह गृहिणी हर रोज जल पूजन की परंपरा निभाती थीं। उस दिन जब भोजन का समय बीत जाने के बाद भी उनकी वापसी नहीं हुई, तब स्वजन किसी अनिष्ट की आशंका से भर उठे। घाट पर करीने से रखे कपड़े और पूजा की सामग्री देखकर ग्रामीण सन्न रह गए। नदी के गहरे बहाव और भंवर वाले हिस्सों में तत्काल तलाश शुरू की गई। गांव के तैराकों ने गहरे पानी में उतरकर काफी दूर तक खोज की, किंतु तेज धार के कारण कोई सफलता नहीं मिल सकी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस का गश्ती दल मौके पर पहुंचा और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को सुरक्षित करते हुए उच्चाधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
तीसरे दिन विशेष दल ने बरामद किया शव
जल पुलिस और विशेष रेस्क्यू टीम ने मोटर बोट के सहारे धारा के बहाव की दिशा में सघन तलाशी अभियान संचालित किया। नदी के दोनों किनारों, झाड़ियों और पत्थरों की ओट में बारीकी से खोजबीन की जाती रही। तीसरे दिन दोपहर के पहर लम्हेटा क्षेत्र में शव तैरता हुआ नजर आया, जिसे रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से किनारे लाया गया। शिनाख्त की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होते ही उपस्थित नाते-रिश्तेदार बिलख पड़े। इस शांत कछार वाले इलाके में इस प्रकार की पहली दुखद दुर्घटना होने से शिवनी गांव का चूल्हा तक नहीं जला और हर घर में गहरा शोक फैल गया। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर मर्ग कायम कर लिया है।

