जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत विभाग में 4500 संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया प्रशासनिक अड़चनों के चलते लटकने से कर्मियों में भारी आक्रोश है। इस गतिरोध के कारण बिजली कंपनियों में प्रस्तावित 50000 नए पदों की सीधी भर्ती भी अटक गई है। विभागीय परीक्षा की अधिसूचना जारी न होने पर यूनाइटेड फोरम के अध्यक्ष कुशवाहा ने ऊर्जा मंत्री और प्रबंधन को पत्र भेजा है। संगठन के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री से मिलकर संविदा कर्मियों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु परीक्षा व संविलियन की मांग करेगा। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो पूरे प्रदेश के बिजली संविदा कर्मी भोपाल में बड़ा प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू करेंगे।
अक्टूबर तक परीक्षा कराने के निर्देश बेअसर
ऊर्जा विभाग ने 24 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक परिपत्र जारी किया था। इस व्यवस्था के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को नोडल एजेंसी बनाया गया। शासन ने नोडल एजेंसी को 31 अक्टूबर तक संविदा कर्मियों की लिखित परीक्षा संपन्न कराकर प्रक्रिया पूरी करने का दायित्व सौंपा था। समय-सीमा नजदीक आने के बावजूद अब तक परीक्षा का विज्ञापन जारी नहीं किया गया।
दीवाली से पहले बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू
वर्ष 2026 की नियमितीकरण योजना का ड्राफ्ट तैयार होने के बाद भी अंतिम प्रशासनिक मुहर नहीं लग पाई है, जिससे कर्मचारी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। यूनाइटेड फोरम ने चेतावनी दी है कि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए तो दिवाली से ठीक पहले पावर सेक्टर के अन्य कर्मचारी संगठन भी इस महाआंदोलन में शामिल हो जाएंगे।
