जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के तीन दिवसीय नगर प्रवास के पहले दिन शनिवार को सांगठनिक गतिविधियों में तेजी देखी गई। उन्होंने संस्कारधानी में निवासरत मुख्य शिक्षक और उनसे वरिष्ठ दायित्ववान कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर संगठनात्मक विषयों पर मार्गदर्शन दिया। इसी दौरान भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद पीटी उषा ने केशव कुटी पहुंचकर संघ प्रमुख से 15 से 20 मिनट तक सौजन्य भेंट की और बाद में दिल्ली लौट गईं। निजी कॉलेज परिसर में आयोजित बैठकों की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखते हुए मोबाइल फोन और मीडिया कवरेज पर रोक रखी गई है। अपने 24 से 26 अक्टूबर तक के तय कार्यक्रम के तहत वे रविवार को महाकौशल प्रांत के महाविद्यालयीन युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करेंगे।
कार्यकर्ताओं ने किया प्रभावी संगठनात्मक मंथन
प्रवास के आरंभिक चरण में आयोजित इस सांगठनिक बैठक के दौरान नगर एवं प्रांत स्तर पर चल रहे विभिन्न सामाजिक कार्यों की समीक्षा की गई। डॉ. मोहन भागवत ने समाज जागरण और शाखा विस्तार से जुड़ी आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर वरिष्ठ स्वयंसेवकों से सीधे सुझाव लिए। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने सेवा बस्तियों में चलने वाले शिक्षण प्रकल्पों, पर्यावरण संरक्षण अभियानों और कुटुंब प्रबोधन जैसे रचनात्मक कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट पेश की। सरसंघचालक ने कार्यकर्ताओं को अनुशासन, निरंतर अभ्यास और स्थानीय जनसमस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी।
युवाओं के आगामी सत्रों की रूपरेखा
प्रवास के दूसरे दिन 25 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रमों की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार को वे महाकौशल प्रांत के महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों के विशेष शिविर में उपस्थित रहेंगे, जहां दो अलग-अलग सत्रों में उनका संबोधन होगा। इस दौरान युवाओं में राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण और सामाजिक दायित्वों के प्रति सजगता बढ़ाने पर विचार साझा किए जाएंगे। रविवार शाम को शारीरिक प्रात्यक्षिक कार्यक्रम के साथ इस युवा सम्मेलन का औपचारिक समापन होगा। प्रवास के आखिरी दिन 26 अक्टूबर को वे महाकौशल प्रांत की कार्यकारिणी और विभाग टोली के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें समसामयिक परिस्थितियों और आगामी संगठनात्मक रणनीतियों पर अंतिम चर्चा होगी।
3,185 स्वयंसेवकों ने निकाला भव्य पथ संचलन
महाकौशल प्रांत के युवाओं के शिविर के तीसरे दिन विजयनगर क्षेत्र में विशाल पथ संचलन निकाला गया। श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज से दोपहर 3:30 बजे शुरू हुआ यह संचलन अनुशासन और कदमताल का प्रदर्शन करते हुए केशरवानी कॉलेज पहुंचकर संपन्न हुआ। संचलन में 34 जिलों से आए 16 से 32 वर्ष आयु वर्ग के 3,185 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया, जबकि 500 प्रबंधक व्यवस्थाओं में तैनात रहे। संचलन मार्ग पर महानगर के विभिन्न सामाजिक, भाषाई और कृषक वर्गों के 20 मंच बनाए गए थे, जहां से गणमान्य नागरिकों ने इस अनुशासन का अवलोकन कर स्वागत किया। यह शिविर 22 अक्टूबर की शाम से प्रारंभ हुआ था, जिसका औपचारिक उद्घाटन 23 अक्टूबर को किया गया था।

