जबलपुर। सिहोरा-खितौला के रहवासी क्षेत्रों में तीन दिनों से तेंदुआ परिवार (लेपर्ड फेमिली) ने दस्तक दे दी है। मादा तेंदुआ अपने दो बच्चों के साथ इन जगहों पर विचरण कर रही है। तेंदुआ की मौजूदगी से रात के समय लोगों का घरों से बाहर निकलना बंद हो गया है। गौरतलब है कि गत वर्ष भी ठंड शुरू होने के दौरान तेंदुए की मौजूदगी से क्षेत्रवासी परेशान हो चुके हैं।
सिहोरा-खितौला से लगे वन परिक्षेत्र के पास रहवासी इलाकों में तेंदुआ फेमिती से लोगों में दहशत है। पिछले तीन दिनों से एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ इलाके के आसपास लगातार देखी जा रही है। शुक्रवार की देर रात रहवासी क्षेत्र के पास इनके दिखते ही ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 72 घंटों से एक मादा तेंदुआ अपने दोनों बच्चों के साथ सिहोरा-खितौता के जंगतों से तगी बस्तियों और खेतों के आसपास घूम रही है। दिन में यह वन्यजीव सुरक्षित ठिकानों या झाड़ियों में छिपा रहता है। लेकिन सूरज ढलते ही इसकी गतिविधिया बढ़ जाती है। पिछले कुछ दिनों में कई ग्रामीणों ने इसे अपने बच्चों के साथ आते-जाते देखा है। इससे पूरे इताके में अलर्ट घोषित कर दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुक्रवार देर रात मादा तेंदुआ अपने दोनों बच्चों के साथ सिहोरा नया मोहल्ला के रिहायशी क्षेत्र में आ गई थी। रात के सन्नाटे के बीच अचानक तेंदुए की आवाज से आसपास के तोग जाग गए। रात की इस घटना के बाद से लोग अपने घरों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित दिखाई दिए। वन परिक्षेत्र अधिकारी अजय मिश्रा के अनुसार सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आ गई। इलाके में गश्त बढ़ा दी। वन कर्मियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है ताकि वन्यजीव की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
