कटनी। स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपने भाई के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सेना में नौकरी हासिल की और बाद में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए पेंशन भी निकलवाता रहा। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, स्लीमनाबाद के छोटी कारी पाथर निवासी जमुना प्रसाद हल्दकार ने कथित तौर पर अपने भाई बद्री प्रसाद के दस्तावेजों के आधार पर सेना में नौकरी प्राप्त की थी।
भाई की मृत्यु के बाद रचा फर्जीवाड़ा
आरोप है कि वर्ष 2018 में जमुना प्रसाद की मृत्यु के बाद बद्री प्रसाद के नाम से कटनी जिला अस्पताल का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया गया। इसके आधार पर वर्ष 2019 में भूरी बाई हल्दकार और बद्री प्रसाद के नाम से पेंशन शुरू कराई गई। इसके बाद पेंशन की राशि भारतीय स्टेट बैंक की स्लीमनाबाद शाखा में संचालित खाते में आती रही।
मोबाइल नंबर के जरिए होता था लेनदेन
जांच में सामने आया है कि बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर मनीषा हल्दकार के नाम पर लिंक कराया गया था। मनीषा के पति सुनील हल्दकार कथित तौर पर इसी मोबाइल नंबर और बैंक खाते के माध्यम से लेनदेन करते थे।
अस्पताल कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस जांच में भूरी बाई हल्दकार, मनीषा हल्दकार, सुनील हल्दकार, प्रीति कुशवाहा, कुलदीप कुमार और दीपक कुशवाहा सहित जिला अस्पताल के कुछ कर्मचारियों और अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका सामने आई है।
स्लीमनाबाद थाना प्रभारी विजय विश्वकर्मा ने बताया कि मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे फर्जीवाड़े की जांच कर रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
