जबलपुर। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू की अध्यक्षता में आयोजित मेयर इन काउंसिल की बैठक में नगर विकास, प्रशासनिक व्यवस्था और जनहित से जुड़े अनेक अहम् प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार, एमआईसी सदस्य डॉ. सुभाष तिवारी, विवेक राम सोनकर, दामोदर सोनी, अंशुल राघवेन्द्र यादव, अपर आयुक्त देवेन्द्र सिंह चौहान, अशफाक परवेज कुरैशी, उपायुक्त संभव अयाची, शिवांगी महाजन तथा स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान संभाग 1 से 16 तक की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, लीज प्रकरणों को निपटाने, त्योहार के मद्देनजर पटाखा कारोबारियों को जगह आवंटन में राहत देने सहित सिविल लाइन स्थित इलाहाबाद चौक का नाम देश का पहला विकसित भारत संकल्प सेवा चौक एवं कैरव्स चौक का नाम ईश्वरदास रोहाणी चौक करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
पंद्रह बड़ी कंपनियों को मिला स्वच्छता का नया जिम्मा
शहर की सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए आमंत्रित ऑनलाइन निविदा में 700 करोड़ तक के टर्नओवर वाले 35 निविदाकारों ने भाग लिया था। परीक्षण में 17 फर्म तकनीकी रूप से पात्र और 18 अपात्र पाई गईं। इसके बाद 5 अक्टूबर 2026 को वित्तीय प्रस्ताव खोले गए। शासन के नियमों के तहत न्यूनतम 10 प्रतिशत सर्विस चार्ज की शर्त पूरी न करने के कारण सेंगर सिक्योरिटी एण्ड सर्विसेस प्रा.लि. तथा कामथेन सिक्योरिटी सर्विस बाहर हो गईं। पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर 15 चुनिंदा संस्थाओं का इंपैनलमेंट किया गया। इनमें आर. प्रियांशी कंस्ट्रक्शन एंड फैसिलिटी, माँ नर्मदा साईं सेवा समिति, महाराष्ट्र विकास ग्रुप कंपनी, एच. एस. सर्विस प्रोवाइडर, थर्डआई सिक्योरिटी सर्विसेज प्रा. लि., सक्षम फैसिलिटी सर्विसेज प्रा. लि., किंग सिक्योरिटी गार्ड्स सर्विसेज प्रा. लि., रक्षक सिक्योरिटास प्रा. लि., क्रिएन्टम सिक्योरिटी सॉल्यूशंस प्रा. लि., बिलीव सॉल्यूशन सर्विसेज, ब्रम्हन्हे मल्टीसर्विस प्रा. लि., श्री बर्फानी सिक्योरिटी सर्विस, माँ नर्मदा सफाई संरक्षक कामगार एंड लेबर कॉन्ट्रैक्ट कोऑपरेटिव सो., टैक्सी जंक्शन और अल्ट्रा क्लीन एंड केयर सर्विसेज शामिल हैं।
नवंबर माह से धरातल पर उतरेगा नया स्वच्छता मॉडल
तय योजना के मुताबिक आगामी 1 नवंबर से पूरे शहर में यह अत्याधुनिक स्वच्छता प्रणाली पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए प्रत्येक संभाग स्तर पर विशेष समितियों का गठन कर उन्हें स्वतंत्र उत्तरदायित्व सौंपे जा रहे हैं। इन समितियों के माध्यम से घर-घर कचरा संग्रहण और मुख्य सड़कों से लेकर भीतरी गलियों तक सफाई कार्य की सीधी मॉनिटरिंग होगी, जिससे समूची व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव दिखेगा।
