पिपरिया. एमपी के नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में रविवार को संघमित्रा एक्सप्रेस के सामने कूदकर पटवारी अजय धाकड़ ने आत्महत्या कर ली। उनका सिर धड़ से अलग हो गया। पुलिस ने शव के टुकड़े पॉलीथीन में समेटे। वहीं दूसरी ओर पिपरिया रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ी कार में उनके दो बेटों के शव मिले। आशंका है कि बच्चों की गला घोंटकर हत्या करने के बाद पटवारी ने आत्महत्या की।
अजय धाकड़ रायसेन जिले के बरेली स्थित अलीगंज गांव के निवासी थे। वे उदयपुरा में पटवारी के पद पर पदस्थ थे। घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे हुई। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने दी भतीजे की मौत की खबर
अजय के चाचा प्रताप सिंह धाकड़ ने बताया कि मौत की सूचना मिलने के बाद दोनों बच्चों की तलाश शुरू की गई। शाम करीब 6 बजे रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ी बंद कार में उनके शव मिले। उन्होंने बताया कि बच्चों की पहचान शिवम और समर्थ के रूप में हुई है। समर्थ 9वीं और शिवा 6वीं कक्षा में पढ़ता था। अजय धाकड़ दोनों बच्चों को फिल्म दिखाने की बात कहकर पिपरिया लाए थे, लेकिन हमें मौत की खबर मिली।
एसडीओपी बोले- बच्चों की गर्दन पर निशान मिले
पिपरिया एसडीओपी आशीष कुमार पवार ने बताया कि पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों बच्चों की गर्दन पर गला घोंटने जैसे निशान मिले हैं। हालांकि, बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और अजय धाकड़ ने आत्महत्या क्यों की, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
