जबलपुर. पमरे के जबलपुर रेल मंडल के डुंडी स्टेशन पर व्यापारियों, खासकर फूड ग्रेन लोडिंग करने वाले व्यापारी पिछले काफी समय से परेशान हैं. यहां पर सर्वसुविधायुक्त गुड्स शेड निर्माण कार्य की हीलाहवाली की जा रही है.
उल्लेखनीय है कि रेलवे बोर्ड लगातार सभी जोनों, मंडलों को माल लदान बढ़ाकर राजस्व बढ़ाने के लिए टारगेट बढ़ाता जा रहा है, जिसे लेकर रेल प्रशासन भी प्रयास कर रहा है, लेकिन जबलपुर रेल मंडल के डुंडी स्टेशन पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की डमतकर उपेक्षा की जा रही है. यहां से बड़ी संख्या में व्यापारी फूड, ग्रेन आदि अन्य शहरों व राज्यों को रेलवे के माध्यम से भेजते हैं, किंतु यहां पर समुचित व्यवस्था प्लेटफार्म की नहीं होने से व्यापारी परेशान हैं. खास बात ये है कि जबलपुर मंडल रेल प्रशासन द्वारा डुंडी स्टेशन पर लोडिंग-अनलोडिंग के लिए प्लेटफार्म निर्माण को मंजूरी भी दे दी है और इसका ठेका भी दिया जा चुका है, किंतु काम शुरू नहीं हो पा रहा है.
जबलपुर रेल मंडल माल लोडिंग में अन्य मंडलों से आगे
व्यापारियों का मानना है कि रेल प्रशासन को शीघ्र ही यहां पर लोडिंग-अनलोडिंग के लिए मूलभूत सुविधाएं, जिसमें प्लेटफार्म, शेड आदि के निर्माण कार्य को यथाशीघ्र प्रारंभ कराया जाये, ताकि व्यापारियों, ट्रांसपोर्टर्स यहां से सुविधाजनक ढंग से माल की लोडिंग/अनलोडिंग कर सके. जिसका फायदा रेलवे के राजस्व को भी पहुंचेगा. वहीं कुछ लोगों का ये भी कहना है कि यदि गुड्स शेड निर्माण में विलंब हो रहा है तो प्रशासन को समीपी स्टेशनों गोसलपुर, देवरी आदि में लोडिंग की परमीशन देना चाहिए, जिससे व्यापारियों को फायदा होगा, साथ ही रेलवे को टारगेट भी प्राप्त हो सकेगा.
ये खाद्यान्न होता है परिवहन
डुंडी स्टेशन से खाद्य सामग्री, जिसमें गेहूं, मक्का, धान आदि का परिवहन बहुतायत में अन्य राज्यों व शहरों के लिए होता है. साथ ही यहां पर यूरिया के रैक भी आते हैं, जो आसपास के किसानों के लिए परिवहन किया जाता है. प्लेटफार्म नहीं होने से व्यापारी/ट्रांसपोर्टर्स को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैय
इनका कहना...
- डुंडी व गोसलपुर में गुड्स शेड निर्माण का कार्य कराया जा रहा है. गोसलपुर में तो कार्य लगभग फाइनल होने जा रहा है. जहां तक डुंडी की बात है वहां पर एक गुड्स शेड से एक लाइन को मेन लाइन से कनेक्ट करना है, जिसकी भी तैयारियां चल रही है.
- डॉ. मधुर वर्मा, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी, पमरे, जबलपुर.
