जबलपुर। जबलपुर नगर निगम मुख्यालय और संभागीय दफ्तरों में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सितंबर माह में सभी कर्मचारियों से छुट्टियों के दिनों में भी लगातार बुलाकर पूरे 30 दिन ड्यूटी कराई गई थी। इसके बावजूद जब वेतन जारी हुआ तो कुल 346 ऑपरेटरों में से सिर्फ 3 कर्मियों को छोड़कर बाकी 343 कर्मचारियों की तनख्वाह में भारी कटौती कर दी गई। कई कर्मचारियों की 2 से 4 दिन की पगार काटी गई, जबकि बहुत से ऑपरेटरों का 7 दिन तक का वेतन रोक दिया गया। इस अप्रत्याशित कटौती के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष फैल गया है और वे अब इसके खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन करने का मन बना रहे हैं।
अपर आयुक्त अरविंद शाह को दिया था ज्ञापन
पीड़ित कर्मचारियों का कहना है कि यह आर्थिक कटौती किसी एक महीने की नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही नियमित समस्या बन चुकी है। अपनी व्यथा सुनाने के लिए करीब 2 से 3 महीने पहले कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने तत्कालीन अपर आयुक्त अरविंद शाह को लिखित मांग पत्र सौंपकर पूरी स्थिति बताई थी। उस दौरान अधिकारियों ने दावा किया था कि अकारण काटी गई राशि का जल्द ही दोबारा समायोजन करके भुगतान कर दिया जाएगा।
पुराना बकाया मिलने की जगह नई कटौती
अफसरों के पिछले आश्वासन पर आज तक अमल नहीं हुआ और पुराना अटका हुआ पैसा मिलना तो दूर, इस बार फिर से काम करने के बावजूद भारी कटौती दोहरा दी गई। बिना किसी स्पष्ट कारण के मानदेय में की जा रही इस मनमानी से पूरे निगम प्रशासन के खिलाफ ऑपरेटरों में रोष बढ़ता जा रहा है।
