जबलपुर. केंद्र सरकार अगले कुछ दिनों के अंदर रेलवे के गैर राजपत्रित कर्मचारियों के सालाना बोनस की घोषणा कर सकती है। कैबिनेट बैठक में इसकी घोषणा होगी। इस बार भी रेल कर्मचारियों को 78 दिनों का बोनस मिलने की संभावना है। अब सीलिंग हटती है या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा।
जानकारों की मानें तो बोनस की अधिकतम राशि फिर से 17 हजार 951 रुपए हो सकती है। हालांकि, इस राशि को लेकर रेल कर्मचारियों और उनके संगठनों के बीच काफी असंतोष है। अभी रेल कर्मचारियों को सात हजार रुपए की सीलिंग पर बोनस का भुगतान होता है। देश की सभी प्रमुख फेडरेशनों ने सरकार से मांग की है कि बोनस गणना के लिए तय की गई सात हजार रुपये की सीलिंग को इस साल समाप्त किया जाए। फेडरेशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्तमान में सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन बढ़कर 18 हजार रुपये हो चुका है। ऐसे में सात हजार रुपये की पुरानी सीलिंग के आधार पर बोनस तय करना रेलकर्मियों के साथ अन्याय है।
साल 2014-2015 से नहीं बढ़ा बोनस
रेलवे कर्मचारियों को वर्ष 2014-2015 से ही एक समान बोनस 17,951 रुपये मिलते आ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि 78 दिनों के इस भारी-भरकम बोनस के नाम पर उन्हें असल में एक महीने के न्यूनतम मूल वेतन यानी 18 हजार रुपए के बराबर भी राशि नहीं मिल पाती है। महंगाई के इस दौर में पिछले कई वर्षों से बोनस की राशि में कोई बढ़ोतरी न होना उचित नहीं है।
