डिवीजन बेंच में समय की कमी के कारण नहीं आया नंबर, संयुक्त रूप से लंबित हैं दो याचिकाएं
जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया से जुड़े बहुचर्चित मामले की सुनवाई सोमवार को टल गई है। अब इस प्रकरण पर आगामी 15 अक्टूबर को अगली सुनवाई की जाएगी। नियमित रोस्टर के अनुसार यह मामला जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच के समक्ष लगना था, लेकिन इस विशेष खंडपीठ की अनुपलब्धता के कारण सोमवार को केस मुख्य न्यायाधिपति अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। अदालती कार्यवाही के दौरान मुकदमों की अधिकता और समयाभाव के कारण इस प्रकरण का नंबर नहीं आ सका, जिसके चलते अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख तय कर दी।
एफआईआर निरस्त करने और जमीन सौदे की सीबीआई जांच की मांग पर होना है फैसला
इस पूरे मामले में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनकी सुनवाई अदालत द्वारा एक साथ की जा रही है। एक तरफ सीएसपी नेहा पच्चीसिया की ओर से अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण और एफआईआर को निरस्त कराने के साथ-साथ अग्रिम जमानत दिए जाने की गुहार लगाई गई है। वहीं दूसरी तरफ मूल शिकायतकर्ता ने अदालत के समक्ष याचिका प्रस्तुत कर जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े विवाद और सौदे की निष्पक्ष व विस्तृत जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने की मांग उठाई है। दोनों ही पक्षों के वकीलों द्वारा अपनी-अपनी याचिकाओं के समर्थन में महत्वपूर्ण कानूनी दलीलें तैयार की गई हैं। अब 15 अक्टूबर को उच्च न्यायालय की खंडपीठ के सामने दोनों याचिकाओं पर एक साथ महत्वपूर्ण बहस होगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
