जबलपुर। जबलपुर में आगामी दुर्गोत्सव पर्व के दौरान शहर में आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों को भव्य, अनुशासित और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए जबलपुर पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़ मनीष भारद्वाज की उपस्थिति में शहर के लगभग 150 गरबा आयोजकों, सीएसपी, डीएसपी और थाना प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सिविल ड्रेस में तैनात पुलिसकर्मी और गश्ती दल असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखेंगे। रात 11 बजे तक गरबा का आयोजन अनिवार्य रूप से बंद करना होगा। सभी प्रतिभागियों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य होंगे। आयोजकों को उनके आने-जाने (ड्रॉप/पिकअप) की सुरक्षित व्यवस्था करनी होगी। साउंड सिस्टम व अनुमति: साउंड की आवाज परिसर से बाहर न जाए। थाने, सीएसपी और एसडीएम को प्रतिभागियों, अतिथियों व क्षमता की जानकारी देकर साउंड सिस्टम की अग्रिम अनुमति लेना अनिवार्य है। केवल पासधारी व्यक्तियों को ही गहन चेकिंग के बाद प्रवेश दिया जाएगा। प्रतिभागी अपने साथ कोई भी अनावश्यक सामान/बैग नहीं ले जा सकेंगे। गरबा नृत्य केवल पारंपरिक वेशभूषा में ही होगा और प्रस्तुतियां केवल धार्मिक/सांस्कृतिक होंगी ताकि किसी की भावनाएं आहत न हों। आयोजकों को खुद पार्किंग की सुव्यवस्थित व्यवस्था करनी होगी ताकि मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक जाम न हो। प्रत्येक गरबा पंडाल/स्थल पर एक अलग से इमरजेंसी गेट बनाना अनिवार्य होगा। आयोजक अपनी क्षमतानुसार सिक्योरिटी गार्ड और वॉलंटियर्स तैनात करेंगे। उनकी सूची संबंधित थाने को दी जाएगी, जिन्हें विशेष पुलिस अधिकारी का दर्जा दिया जाएगा। प्रवेश द्वार पर महिलाओं और पुरुषों के लिए पृथक-पृथक (अलग) कतारें बनाना अनिवार्य होगा। इलेक्ट्रिकल सेफ्टी: कटी-फटी या घटिया बिजली केबलों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सभी वायरिंग बच्चों की पहुंच से दूर सुरक्षित रखी जाएगी।
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