जबलपुर। व्हीएफजे के खंडहर हो गए क्वार्टर में एक किशोर ने फंदे पर लटक कर अपनी जान दे दी। पुलिस ने किशोर का शव पीएम के लिए मेडिकल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मृतक किशोर की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होना बताया गया है।
रांझी पुलिस ने बताया कि मंगलवार रात गंगामैया निवासी मनीष बाजपेई ने सूचना दी कि वह किराना दुकान चलाता है। उसका छोटा भाई आशीष बाजपेई का बेटा शुभ आशीष की पत्नी का देहांत हो गया था। उसी समय से भाई के बेटे शुभ आशीष पालन पोषण देखरेख उसके द्वारा की जा रही थी। भाई आशीष इंदौर में प्राईवेट जॉब करता है। लगभग एक माह पहले शुभ आशीष की तबियत खराब हुयी थी। तभी से शुभ आशीष का मानसिक संतुलन ठीक नहीं होने से शुभ आशीष लगभग 4-5 बार फासी लगाने की कोशिश कर चुका था। मंगलवार को इलाज एवं काउंसलिंग के लिये मनोचिकित्सक के पास मेडिकल कॉलेज लेकर गये थे। डॉक्टर ने बताया कि शुभ आशीष का दिमागी संतुलन बिगड़ रहा है। इलाज से ठीक हो जायेगा या कोमा में जा सकता है। शाम लगभग 4 बजे शुभ आशीष को घर ले आया था। दुकान में बिजी रखने की कोशिश कर रहा था। जिससे शुभ आशीष के मन में अनावश्यक ख्याल न आ सकें। वह दुकान में था, तभी शुभ आशीष धीरे से स्क्ूटी पेप से कहीं चला गया था। लगभग 10 मिनिट बाद वह शुभ आशीष की तलाश करने निकला। लगभग पौन घंटे बाद मोहल्ले के लडकों को झाड़ियों के अंदर रामलीला मैदान के खण्डहर व्हीएफजे स्कूल के पंडाल में अंदर तरफ स्कूटी पेप खड़ी दिखी। वहां जाकर देखे भाई का बेटा शुभ आशीष ने फासी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
इसी तरह भेड़ाघाट पुलिस ने बताया कि राजा बरखेड़ा गांव में रहने वाले नोकेलाल चौधरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका मंझला भाई जुगराज चौधरी आटो चलाता था, जो शराब पीने का आदि था। मंगलवार शाम लगभग 4 बजे जुगराज चौधरी ने अपनी बेटी अंचल चौधरी को बताया कि ग्राम छेड़ी में है। शराब पिया है। उसने जहर की गोली खाना बताया था। सूचना मिलने पर वह परिवार जनों के साथ ग्राम छेड़ी बहर के पास जाकर देखा भाई जुगराज चौधरी उल्टी कर रहा था। उसे उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। दौरान उपचार के बुधवार सुबह लगभग 6-30 बजे उसकी मृत्यु हो गई।