khabar abhi tak

अवकाश में खुला स्कूल, क्लासरूम वीडियो पर सियासी घमासान



जबलपुर। गणेश चतुर्थी के सरकारी अवकाश पर जबलपुर के गोहलपुर स्थित ईडब्ल्यूएस गर्ल्स स्कूल में नियमित कक्षाएं संचालित होने से विवाद उत्पन्न हो गया। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए संस्था प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं दूसरी ओर छुट्टी के दिन स्कूल संचालन की पुष्टि हेतु एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ता ने बिना अनुमति परिसर में प्रवेश कर छात्राओं के क्लासरूम का वीडियो रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर प्रसारित कर दिया। इस अनाधिकृत प्रवेश के विरोध में स्कूल प्रबंधन के साथ कांग्रेस पार्षद दल लामबंद हो गया है। पार्षद मुकीमा याकूब अंसारी, पार्षद अख्तर अंसारी, पार्षद वकील अंसारी, फिरोज कमाल, गुलाम अम्बिया, अशरफ मंसूरी और पूर्व पार्षद आजम अली खान ने सुरक्षा को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

कक्षा में अनाधिकृत वीडियो बनाने पर आपत्ति

​प्रबंधन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की बैठक में बाहरी शख्स द्वारा बालिकाओं की कक्षा में जाकर वीडियो बनाने की घटना की तीव्र निंदा की गई। नेताओं का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर अवकाश के नियमों की जांच अपनी जगह सही हो सकती है, लेकिन बालिकाओं के अध्ययन कक्ष में किसी अज्ञात व्यक्ति का बिना इजाजत मोबाइल से वीडियो तैयार करना छात्राओं की सुरक्षा से सीधा समझौता है। बैठक के दौरान संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध थाने में प्राथमिक सूचना रिपोर्ट यानी एफआईआर दर्ज कराने की कानूनी मांग रखी गई। उपस्थित प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि स्कूल स्थापना से लेकर आज तक ऐसी घुसपैठ कभी नहीं देखी गई, जिसने पूरे शहर के अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया है।

​मामले की जांच की मांग पर अड़े दोनों पक्ष

​संबंधित वीडियो रिकॉर्ड करने वाले कार्यकर्ता का पक्ष है कि जब संपूर्ण राज्य व स्थानीय स्तर पर गणेश चतुर्थी का आधिकारिक अवकाश घोषित था, तब इस विशिष्ट स्कूल को किसके आदेश से खोला गया। उसने केवल विभागीय नियमों के खुले उल्लंघन को प्रमाणित करने और डीईओ कार्यालय को साक्ष्य सौंपने के मकसद से यह दृश्य संकलित किए थे। इधर शिक्षा विभाग पूरे प्रकरण में जारी कारण बताओ नोटिस के आधार पर प्रबंधन के उत्तर की प्रतीक्षा कर रहा है। एक ही शहर में अवकाश के अलग-अलग नियमों के क्रियान्वयन और दूसरी ओर सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए वीडियो को लेकर अब यह मामला प्रशासनिक जांच से आगे बढ़कर गंभीर सियासी बहस का रूप ले चुका है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak