khabar abhi tak

भारतीय दर्शन एवं योग : अन्तरराष्ट्रीय शोध पत्रिका शोध नर्मदा के विशेषांक का विमोचन

जबलपुर. प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल स्वशासी महाविद्यालय, जबलपुर में भारतीय ज्ञान-परंपरा, योग-दर्शन तथा समकालीन जीवन-मूल्यों के विविध आयामों को केंद्र में रखकर प्रकाशित अन्तरराष्ट्रीय शोध पत्रिका शोध नर्मदा के विशेषांक का विमोचन भारतीय दर्शन एवं योग विशेषांक का गरिमामय समारोह में विमोचन किया गया। 

यह विशेषांक भारतीय ज्ञान-परंपरा की समृद्ध विरासत को आधुनिक जीवन की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए योग के शारीरिक, मानसिक, नैतिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक पक्षों पर गंभीर विमर्श प्रस्तुत करता है। विशेषांक में कुल 87 शोधपरक आलेख सम्मिलित हैं। 

विमोचन समारोह में प्राचार्य प्रोफेसर अलकेश चतुर्वेदी, शोध पत्रिका संरक्षक, प्रोफेसर अरुण शुक्ल, शोध पत्रिका संपादक डॉ. मीना केलर डॉ. तृप्ति उकास, शोध पत्रिका सह-संपादक डॉ. रविश ताजिर, डॉ. जागेश्वर प्रसाद प्रजापति, डॉ. महेन्द्र कुशवाहा, डॉ. बुशरा खान, डॉ. रुपाली उपाध्याय, डॉ. धीरेन्द्र त्रिपाठी सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं शोध-अध्येता उपस्थित रहे।

विशेषांक के प्रमुख विषय भारतीय ज्ञान-परंपरा में योग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं महत्त्व, योग का मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव, पतंजलि योगसूत्र एवं अष्टांग योग, योग शिक्षा, मूल्य शिक्षा एवं नैतिक चेतना, योग और खेल, योग एवं मस्तिष्क स्वास्थ्य, वेद एवं उपनिषदों में मन-प्राण-चेतना की अवधारणा तथा योग और आधुनिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शोधपरक आलेख प्रकाशित हुए हैं। विशेषांक में भारतीय दर्शन और योग, समकालीन जीवन-शैली, तनाव-अवसाद एवं चिंता प्रबंधन, ध्यान एवं मानसिक स्थिरता, प्राणायाम, योग एवं न्यूरोसाइंस, योग और पत्रकारिता, मीडिया नैतिकता तथा योग और मानसिक स्वास्थ्य जैसे समकालीन सरोकारों को भी विमर्श का विषय बनाया गया है। इस विशेषांक के माध्यम से प्राचीन भारतीय ज्ञान-परंपरा और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया गया है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों ने विशेषांक के प्रकाशन के लिए संपादकीय एवं शोध दल को शुभकामनाएँ देते हुए इसे भारतीय दर्शन, योग और समकालीन जीवन-मूल्यों पर गंभीर अकादमिक विमर्श को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रकाशन बताया।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak